जयपुर में खेले गए एक अहम मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने अपने बल्ले से साफ संकेत दे दिए कि वह पूरी तरह वापसी के लिए तैयार हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज़ से पहले फिटनेस को लेकर संदेह में चल रहे अय्यर ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 53 गेंदों में ताबड़तोड़ 82 रन बनाकर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को राहत की सांस दी.
घने कोहरे की वजह से देरी से शुरू हुए 33 ओवर के इस मुकाबले में मुंबई ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 9 विकेट पर 299 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के लिए फिटनेस के आधार पर उपकप्तान बनाए गए अय्यर ने मैदान पर उतरते ही आक्रामक अंदाज़ अपनाया और अपनी लय का शानदार प्रदर्शन किया.
मुंबई की पारी में अय्यर का असरदार योगदान
मुंबई की पारी की शुरुआत लड़खड़ाती दिखी जब यशस्वी जायसवाल और सरफराज खान जल्दी पवेलियन लौट गए. ऐसे में 17वें ओवर में क्रीज़ पर आए श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला और मुसheer खान के साथ मिलकर रन गति को तेज किया. शुरुआती ओवरों में दो बार जीवनदान मिलने के बावजूद अय्यर ने इसका पूरा फायदा उठाया और आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाज़ी की. अय्यर की पारी में 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे. उनका स्ट्राइक रेट 154 से ज्यादा रहा, जो उनके आक्रामक इरादों को दर्शाता है. मुसheer खान के साथ उन्होंने 54 गेंदों में 82 रनों की तेज साझेदारी की. मुसheer के 73 रन बनाकर आउट होने के बाद अय्यर ने सूर्यकुमार यादव के साथ भी अहम साझेदारी निभाई और स्कोर को मजबूती दी.
हिमाचल ने दी कड़ी टक्कर, जीत से चूकी मुंबई
300 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए हिमाचल प्रदेश ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया. अंतिम दो ओवरों में 25 रनों की जरूरत थी और मुकाबला आखिरी क्षणों तक रोमांचक बना रहा. हालांकि, हिमाचल की टीम 292 रन पर सिमट गई और मुंबई ने मुकाबला सिर्फ 7 रनों से अपने नाम किया. इस जीत के साथ मुंबई और पंजाब—दोनों ने 20-20 अंकों के साथ एलिट ग्रुप C से नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली है. श्रेयस अय्यर की यह पारी न सिर्फ मुंबई के लिए अहम साबित हुई, बल्कि न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ से पहले उनकी फिटनेस और फॉर्म को लेकर सभी शंकाओं को भी काफी हद तक दूर कर गई है.
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