विजय माल्या-ललित मोदी ने खुद को गर्व से बताया 'भारत का सबसे बड़ा भगोड़ा', तंज कसते हुए वीडियो वायरल

देश से फरार चल रहे पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी एक बार फिर अपने बयान और सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर चर्चा में हैं.

Vijay Mallya and Lalit Modi called themselves Indias biggest fugitives
Image Source: Social Media

Lalit Modi-Vijay Mallya: देश से फरार चल रहे पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी एक बार फिर अपने बयान और सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने लंदन में मौजूद उद्योगपति विजय माल्या के जन्मदिन समारोह का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें दोनों खुद को व्यंग्यात्मक अंदाज़ में “भारत के सबसे बड़े भगोड़े” बताते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है.

वीडियो में ललित मोदी यह कहते सुनाई देते हैं कि वे और विजय माल्या दोनों भारत के “सबसे बड़े भगोड़े” हैं. यह वीडियो कथित तौर पर लंदन में रिकॉर्ड किया गया है. ललित मोदी ने इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह एक बार फिर इंटरनेट को “ब्रेक” करना चाहते हैं और लोगों को यह कंटेंट समर्पित है. उन्होंने कैप्शन में आलोचकों पर तंज कसते हुए भावनात्मक शब्दों का भी इस्तेमाल किया.

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

इस वीडियो के वायरल होते ही लोगों की नाराज़गी खुलकर सामने आई. कई यूजर्स ने इसे भारतीय कानून और जांच एजेंसियों का मज़ाक उड़ाने वाला बताया. एक यूजर ने टिप्पणी की कि यह वीडियो सरकार और कानून व्यवस्था का खुला उपहास है.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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दूसरे ने कहा कि ललित मोदी का यह दावा कि उन्होंने इंटरनेट “डाउन” कर दिया, पूरी तरह खोखला है. कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर कैसे ऐसे आरोपी विदेश में बैठकर खुलेआम इस तरह के वीडियो बना रहे हैं. एक अन्य यूजर ने इसे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों जैसे CBI और ED पर सीधा तंज बताया.

विजय माल्या 2016 से यूके में

गौरतलब है कि विजय माल्या वर्ष 2016 से यूनाइटेड किंगडम में रह रहे हैं. हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे भारत लौटने की योजना कब बना रहे हैं. अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक माल्या स्वयं हाई कोर्ट के समक्ष पेश नहीं होते, तब तक भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत दायर उनकी याचिकाओं पर सुनवाई नहीं की जाएगी.

विजय माल्या ने हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की हैं. पहली याचिका उस आदेश को चुनौती देती है जिसमें उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, जबकि दूसरी याचिका 2018 में लागू भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाती है.

प्रवर्तन निदेशालय की सख्त दलील

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की पीठ के समक्ष हुई. सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति विदेश में बैठकर भारतीय कानून को चुनौती नहीं दे सकता.
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.

बकाया वसूली पर कोर्ट की टिप्पणी

विजय माल्या के वकील ने अदालत में यह तर्क दिया कि बैंकों की अधिकांश वित्तीय देनदारियां पहले ही वसूल की जा चुकी हैं. हालांकि, अदालत ने इस दलील को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल पैसों की वसूली से आपराधिक जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती और इसके लिए आरोपी को अदालत के सामने उपस्थित होना आवश्यक है.

हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की है. वहीं, ललित मोदी द्वारा साझा किया गया वीडियो अब भी सोशल मीडिया पर बहस और आलोचना का विषय बना हुआ है, जिसमें कानून, नैतिकता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

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