ढाका इन दिनों बेचैनी और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है. बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के भविष्य पर सोमवार को बड़ा फैसला आने वाला है—एक ऐसा फैसला जो तय करेगा कि उन्हें जिंदगी मिलेगी या मौत. ट्रिब्यूनल में उनकी सुनवाई अंतिम चरण में है और यूनुस सरकार ने खुले तौर पर अदालत से हसीना के लिए मौत की सजा की मांग कर दी है. इसी के बाद पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है. राजधानी से लेकर छोटे जिलों तक, हर संवेदनशील क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी गई है, जिससे संभावित हिंसा को रोका जा सके.
78 वर्षीय शेख हसीना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल (ICT-BD) अपना फैसला सुनाने वाला है. मामला पिछले साल हुए एंटी-गवर्नमेंट प्रदर्शनों में कथित मानवता-विरोधी अपराधों से जुड़ा है. आरोप है कि छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन को दबाने के लिए सुरक्षा बलों को कठोर कार्रवाई का आदेश दिया गया था, जिससे करीब 1,400 लोगों की मौत हुई. कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैयारी पूरी कर ली है. अदालत में इस मामले की सुनवाई 28 कार्यदिवस चली और 54 गवाहों ने गवाही दी.