Ajab Gazab News: मौत को जीवन की अंतिम सच्चाई माना जाता है. जब डॉक्टर किसी व्यक्ति को मृत घोषित कर देते हैं, तो आमतौर पर यह मान लिया जाता है कि अब वापसी की कोई गुंजाइश नहीं बची. लेकिन अमेरिका से सामने आई एक घटना ने इस धारणा को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है. यहां एक 74 वर्षीय महिला को मृत घोषित किए जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, लेकिन ठीक उसी वक्त ऐसा कुछ हुआ जिसने हर किसी को सन्न कर दिया.
जिस महिला को दुनिया अलविदा कह चुकी थी, उसकी सांसें अचानक फिर से चलने लगीं. अंतिम संस्कार गृह में मौजूद लोग इस नजारे को देखकर डर तो गए, लेकिन सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत महिला को अस्पताल पहुंचाया. यह मामला न सिर्फ आम लोगों के लिए, बल्कि मेडिकल जगत के लिए भी एक गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है.
अंतिम संस्कार गृह में दिखे जीवन के संकेत
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, इस चौंकाने वाली घटना का संबंध कॉन्सटैंस ग्लैंज (Constance Glanz) नाम की महिला से है, जिनकी उम्र 74 साल बताई गई है. डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक बॉडी बैग में रखकर Love Funeral Home लाया गया था.
जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की तैयारी चल रही थी, तभी वहां मौजूद कर्मचारियों ने कुछ असामान्य देखा. महिला के शरीर में हल्की-हल्की हरकत और सांस लेने के संकेत दिखाई देने लगे. पहले तो कर्मचारियों को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन कुछ देर बाद यह साफ हो गया कि महिला जीवित है.
डर के बजाय दिखाई समझदारी
हालांकि इस अप्रत्याशित दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को डरा दिया, लेकिन उन्होंने घबराकर कोई गलत फैसला नहीं लिया. कर्मचारियों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और महिला को बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया गया.
अस्पताल पहुंचते ही मेडिकल स्टाफ ने महिला को CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया और इमरजेंसी सेवाओं को बुलाया गया. कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि महिला की हालत में सुधार हो सकता है, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने के कुछ समय बाद डॉक्टरों ने उन्हें फिर से मृत घोषित कर दिया.
डॉक्टर भी रह गए हैरान
इस मामले पर अस्पताल के चीफ डिप्टी बेन हॉचिन ने बयान देते हुए कहा कि उन्होंने अपने 31 साल के मेडिकल करियर में ऐसा मामला पहली बार देखा है. उनका कहना है कि यह घटना मेडिकल साइंस के लिए भी असामान्य है और इसकी गहन जांच की जरूरत है.
डॉक्टरों के अनुसार, किसी व्यक्ति को मृत घोषित किए जाने के बाद दोबारा सांसों का चलना बेहद दुर्लभ स्थिति होती है. अब यह जांच का विषय है कि क्या यह मेडिकल चूक थी, या शरीर की कोई ऐसी जैविक प्रतिक्रिया जिसे अभी पूरी तरह समझा नहीं गया है.
अब जांच के घेरे में पूरा मामला
सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला को पहली बार मृत घोषित करने में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई? या फिर यह ऐसा मामला है जिसमें शरीर ने अस्थायी रूप से जीवन के संकेत दोबारा दिखाए?
मेडिकल टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला की सांसें दोबारा कैसे चलने लगीं. इस घटना ने अस्पताल की मृत्यु घोषित करने की प्रक्रिया और अंतिम संस्कार से पहले की जांच प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
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