ASP Shehrbano Naqvi Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों पाकिस्तान से जुड़ा एक वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है. इस वीडियो में एक महिला पुलिस अधिकारी पॉडकास्ट की रिकॉर्डिंग के दौरान अचानक अपनी कुर्सी छोड़कर उठ जाती हैं और बिना कुछ देर किए वहां से चली जाती हैं. जैसे ही लोगों को इसके पीछे की वजह पता चलती है, वीडियो को लेकर चर्चा और भी तेज हो जाती है. यह क्लिप पाकिस्तान की महिला पुलिस अधिकारी एएसपी शेहरबानो नक़वी से जुड़ी है, जिनका यह व्यवहार इंटरनेट पर बहस का विषय बन गया है.
यह वीडियो एक पॉडकास्ट की रिकॉर्डिंग के दौरान का है. बातचीत सामान्य रूप से चल रही होती है कि तभी एएसपी शेहरबानो नक़वी का फोन बजता है. कॉल रिसीव करते ही उनके चेहरे के हाव-भाव बदल जाते हैं और वह सामने वाले से पूछती हैं, “क्या हुआ?” कुछ ही सेकंड में वह पॉडकास्ट होस्ट को बताती हैं कि उन्हें स्टेशन हाउस ऑफिसर यानी SHO का कॉल आया है और एक मर्डर की सूचना मिली है. इसके बाद वह बिना समय गंवाए रिकॉर्डिंग रुकवाती हैं और तुरंत वहां से निकल जाती हैं. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं और यह क्लिप तेजी से वायरल हो गई.
Now we have ASP Shehrbano’s TikTok video available in high definition (HD) quality.
— Ath@r (@Athar_Khan_) December 21, 2025
While everything from the economy to public trust is falling apart, the regime spends its time on content creation instead of fixing anything important. pic.twitter.com/z3H0HKiFXs
सोशल मीडिया पर मिली सराहना
वीडियो को देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने एएसपी शेहरबानो नक़वी की तारीफ की. लोगों का कहना है कि यही एक जिम्मेदार और ईमानदार पुलिस अधिकारी की पहचान होती है, जो किसी भी निजी या सार्वजनिक मंच पर हो, लेकिन ड्यूटी को हमेशा प्राथमिकता देता है. एक यूज़र ने लिखा, “पॉडकास्ट कभी भी रिकॉर्ड किया जा सकता है, लेकिन मर्डर केस में देरी नहीं हो सकती.” वहीं दूसरे यूज़र ने कहा, “मैडम ने दिखा दिया कि असली कमिटमेंट क्या होता है.”
विवाद और सवाल भी आए सामने
जहां एक ओर कई लोग इस कदम को प्रोफेशनल ड्यूटी का उदाहरण मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ यूज़र्स ने इस पर सवाल भी खड़े किए हैं. कुछ लोगों का मानना है कि ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों को इस तरह के पॉडकास्ट या मीडिया कार्यक्रमों में शामिल नहीं होना चाहिए. कुछ यूज़र्स ने यह भी कहा कि पूरा घटनाक्रम जरूरत से ज्यादा नाटकीय लग रहा है और हो सकता है कि यह कैमरे के लिए किया गया हो.
ड्यूटी और पब्लिक प्लेटफॉर्म पर बहस
इस वीडियो ने एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है. सवाल यह है कि क्या पुलिस अधिकारियों का सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर इस तरह दिखना सही है, और अगर वे वहां मौजूद हों तो क्या उन्हें पूरी तरह ऑन-ड्यूटी रहना चाहिए. कुछ लोग इसे पारदर्शिता और जनता से जुड़ाव का जरिया मानते हैं, जबकि अन्य इसे पेशेवर सीमाओं का उल्लंघन बताते हैं.
एक छोटी क्लिप, बड़ा मुद्दा
एएसपी शेहरबानो नक़वी का यह वीडियो भले ही कुछ ही पलों का हो, लेकिन इसने सोशल मीडिया पर बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया है. एक तरफ यह पुलिस की जिम्मेदारी और तत्परता को दर्शाता है, तो दूसरी ओर डिजिटल युग में सरकारी अधिकारियों की सार्वजनिक भूमिका और सीमाओं पर भी सवाल उठाता है. यही वजह है कि यह वीडियो अब सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं, बल्कि एक बहस का केंद्र बन चुका है.
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