ये गांव वैज्ञानिकों के लिए बना रहस्य का विषय, उम्र बढ़ने के साथ ही लड़का बन जाता है लड़की

Weird News: दुनिया विज्ञान और आधुनिक सोच के दौर में काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन आज भी कुछ ऐसी जगहें हैं जहां प्रकृति के नियम इंसानी समझ से परे नजर आते हैं. ऐसी ही एक जगह है डोमिनिकन रिपब्लिक का एक छोटा-सा गांव ला सेलिनास, जो दशकों से वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के लिए रहस्य बना हुआ है.

viral Salinas of Dominican Republic mystery boys turn into girls with increasing age
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Weird News: दुनिया विज्ञान और आधुनिक सोच के दौर में काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन आज भी कुछ ऐसी जगहें हैं जहां प्रकृति के नियम इंसानी समझ से परे नजर आते हैं. ऐसी ही एक जगह है डोमिनिकन रिपब्लिक का एक छोटा-सा गांव ला सेलिनास, जो दशकों से वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के लिए रहस्य बना हुआ है.

यह गांव किसी चमत्कार या लोककथा की वजह से नहीं, बल्कि एक असामान्य जैविक प्रक्रिया के कारण चर्चा में है. यहां पैदा होने वाली कुछ लड़कियां जब किशोरावस्था में कदम रखती हैं, तो उनके शरीर में ऐसे बदलाव होने लगते हैं कि वे धीरे-धीरे लड़कों में बदल जाती हैं. इस अनोखी घटना ने न सिर्फ इस गांव की सामाजिक संरचना को प्रभावित किया है, बल्कि विज्ञान के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

बीबीसी की रिपोर्ट और ‘ग्वेवेदोस’ की कहानी

बीबीसी ने इस गांव पर विस्तार से रिपोर्ट की है और इसे “द एक्स्ट्राऑर्डिनरी स्टोरी ऑफ़ द ग्वेवेदोस” नाम दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, यहां इस तरह के बच्चों को स्थानीय भाषा में ‘ग्वेवेदोचे’ कहा जाता है, जिसका अर्थ किन्नर या जेंडर परिवर्तन से जुड़ा व्यक्ति होता है.

इस अनोखी जैविक स्थिति के कारण गांव के कुछ लोग इसे “श्रापित गांव” भी मानने लगे हैं. यही वजह है कि कई परिवारों में लड़की के जन्म को लेकर डर और चिंता का माहौल बन जाता है. समय के साथ इस सोच का असर यह हुआ है कि गांव में लड़कियों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है.

12 साल की उम्र में शुरू हो जाता है बदलाव

रिपोर्ट के मुताबिक, इस गांव में जन्म के समय बच्चे लड़कियों के रूप में दिखाई देते हैं. लेकिन जैसे ही उनकी उम्र 10 से 12 साल के आसपास पहुंचती है, उनके शरीर में अचानक बदलाव आने लगते हैं.

किशोरावस्था के दौरान हार्मोनल परिवर्तन के साथ उनके शरीर में पुरुषों से जुड़े शारीरिक लक्षण विकसित होने लगते हैं. आवाज भारी होने लगती है, शारीरिक बनावट बदलने लगती है और वे धीरे-धीरे लड़कों की तरह दिखने लगते हैं.

एक लड़की की आपबीती

बीबीसी से बातचीत में गांव की रहने वाली जॉनी नाम की एक लड़की ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें पारंपरिक लड़कियों वाले कपड़े और खिलौने पसंद नहीं थे.

जॉनी के अनुसार, “मुझे लड़कियों की तरह कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता था. जब मुझे लड़कियों के खिलौने दिए जाते थे, तो मैं खुश नहीं होती थी. लेकिन जब मैं लड़कों को खेलते देखती थी, तो उनके साथ गेंद खेलने चली जाती थी.” उनका यह अनुभव बताता है कि यह बदलाव केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्तर पर भी महसूस किया जाता है.

डॉक्टर क्या कहते हैं?

डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अनोखी स्थिति के पीछे एक दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी जिम्मेदार है, जिसे स्यूडोहर्मैफ्रोडाइटिज़्म (Pseudohermaphroditism) कहा जाता है.

इस बीमारी में बच्चा जन्म के समय लड़की के रूप में दिखाई देता है, लेकिन उसके शरीर में पुरुष हार्मोन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह विकसित नहीं होती. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हार्मोन सक्रिय होने लगते हैं और पुरुषों से जुड़े अंग विकसित होने लगते हैं. इसके साथ ही आवाज भारी हो जाती है और शरीर की बनावट बदल जाती है.

वैज्ञानिकों के लिए अब भी चुनौती

कई दशकों से शोधकर्ता इस गांव और इस बीमारी पर अध्ययन कर रहे हैं. इलाज खोजने और इस स्थिति को बेहतर तरीके से समझने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आ पाया है.

समुद्र किनारे बसे इस गांव की आबादी करीब 6,000 बताई जाती है. अपनी अनोखी जैविक विशेषता के कारण यह गांव आज भी दुनिया भर के वैज्ञानिकों और मेडिकल रिसर्चर्स के लिए अध्ययन का केंद्र बना हुआ है.

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