Thailand-Cambodia Conflict: कुछ लड़ाइयां बंदूकों से पहले ज़मीन के नक्शों में छेड़ी जाती हैं, और कभी-कभी वही पुराने नक्शे अचानक खून में रंग जाते हैं. दक्षिण एशिया की निगाहें जहां रूस-यूक्रेन की लड़ाई पर टिकी थीं, वहीं अब भारत के पड़ोस में एक नया युद्ध सुलग उठा है- थाईलैंड और कंबोडिया के बीच.
गुरुवार सुबह करीब आठ बजे, थाईलैंड के सुरिन प्रांत और कंबोडिया के ओडार मेनचेय प्रांत की सीमा पर बसे ता मुएन थोम मंदिर के आसपास अचानक गोलीबारी शुरू हो गई. पहले हल्के हथियार चले, फिर तोपें गरजीं, और फिर बारी आई F-16 लड़ाकू विमानों की. थाई वायुसेना ने सीमा के पार बम गिरा दिए. ये वही मंदिर है जो दशकों से दोनों देशों के बीच विवाद का केंद्र रहा है.
गोलीबारी में अब तक कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें आठ साल का एक बच्चा भी शामिल है. दर्जनों लोग घायल हैं और हजारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं.
सीमा विवाद एक बार फिर बना खून की वजह
थाई सेना ने दावा किया कि कंबोडियाई फौज ने पहले हमला किया, भारी हथियारों और मिसाइल सिस्टम से बमबारी की. जवाब में थाईलैंड ने भी पूरी ताकत से पलटवार किया. दूसरी ओर, कंबोडिया कह रहा है कि उसने सिर्फ जवाब दिया जब थाई सैनिक एक बारूदी सुरंग में घायल हो गए.
थाई सरकार के मुताबिक, हमले छह सीमावर्ती प्रांतों में हुए. एक अस्पताल तक निशाने पर आ गया. मृतकों में एक सैनिक और 13 आम नागरिक शामिल हैं. 14 सैनिक और 32 अन्य घायल हैं.
लोगों का पलायन और तबाही का मंजर
कंबोडिया की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, सिर्फ एक दिन में 4,000 से ज्यादा ग्रामीणों को अपने गांव छोड़ने पड़े. कुछ लोग ट्रैक्टरों में, तो कुछ हाथ से खींची जाने वाली ठेलियों में अपने पूरे परिवार और सामान के साथ भागते दिखे. कई लोग समरोंग शहर के पास अस्थायी कैंपों में पहुंचे हैं. थाईलैंड की सरकार ने चार सीमावर्ती प्रांतों से लोगों को 50 किलोमीटर अंदर हटने का आदेश दिया है. हालात बेहद तनावपूर्ण हैं.
भारत ने दी एडवाइजरी, स्थिति नाजुक
भारतीय दूतावास ने हालात को देखते हुए एडवाइजरी जारी कर दी है. थाईलैंड के सुरिन, सिसाकेट, उबोन रत्चथानी, बुरीराम, सा काओ, चंथाबुरी और त्रात जैसे संवेदनशील प्रांतों की यात्रा से बचने को कहा गया है. साथ ही, भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि किसी भी यात्रा से पहले थाई अधिकारियों और पर्यटन विभाग से अपडेट जरूर लें.
दुनिया की नज़र, मगर हल फिलहाल नदारद
थाईलैंड ने कंबोडिया को ‘क्रूर और युद्धप्रिय’ बताया है, तो कंबोडिया ने थाई कार्रवाई को ‘बिना उकसावे की सैन्य आक्रामकता’ कहा है. दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूत निष्कासित कर दिए हैं और राजनयिक संबंधों में तल्खी खुलकर सामने आ चुकी है. फिलहाल, थाईलैंड द्विपक्षीय बातचीत की पेशकश कर रहा है, लेकिन शर्त रखी है- कंबोडिया पहले गोलीबारी रोके. किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को थाईलैंड ने सिरे से खारिज कर दिया है.
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