जापान और चीन के बीच जंग जैसे हालात, सेनकाकू द्वीपों के पास ड्रैगन ने भेजे जहाज और सैन्य ड्रोन

China Japan Conflict: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में टकराव की स्थिति एक बार फिर गहरा गई है. चीन और जापान के बीच पुराने सीमा विवाद ने नया मोड़ तब ले लिया जब चीन ने जापान के नियंत्रण वाले सेनकाकू द्वीपों (चीन इन्हें दियाओयू कहता है) के आसपास अपने कोस्ट गार्ड जहाज और सैन्य ड्रोन तैनात कर दिए.

War situation between Japan and China Dragon sent ships and military drones near Senkaku Islands
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China Japan Conflict: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में टकराव की स्थिति एक बार फिर गहरा गई है. चीन और जापान के बीच पुराने सीमा विवाद ने नया मोड़ तब ले लिया जब चीन ने जापान के नियंत्रण वाले सेनकाकू द्वीपों (चीन इन्हें दियाओयू कहता है) के आसपास अपने कोस्ट गार्ड जहाज और सैन्य ड्रोन तैनात कर दिए. दोनों देशों के बीच यह तनाव जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के हालिया संसद बयान के बाद तेजी से बढ़ा है.

जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची ने संसद में कहा था कि यदि चीन ताइवान पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो जापान भी प्रतिक्रिया दे सकता है. चीन ने इस बयान को “उकसावे” वाला बताया और ताकाइची से इसे वापस लेने की मांग की. इसके बाद चीन ने सेनकाकू क्षेत्र में गश्त बढ़ाते हुए दावा किया कि वह “अपने अधिकारों की रक्षा” कर रहा है.

ताइवान के पास चीनी सैन्य गतिविधि तेज

ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में 30 चीनी सैन्य विमान, 7 नौसैनिक जहाज़ और 1 सरकारी जहाज़ उसके वायु और समुद्री क्षेत्र के पास दर्ज किए गए. मंत्रालय द्वारा जारी नक्शों में दिखा कि तीन चीनी ड्रोन ताइवान और जापान के उत्तर-पूर्वी द्वीपों के बीच उड़ान भर रहे थे, जिनमें से कुछ योना गुनी आइलैंड के बेहद करीब आए, यह जापान का वह द्वीप है जो ताइवान के सबसे करीब स्थित है.

ताइवान का कहना है कि चीन की यह ‘‘संयुक्त युद्ध गश्त’’ क्षेत्रीय स्थिरता को बाधित करने की कोशिश है. जवाब में ताइवान ने भी अपने जहाज़ और विमान तैनात किए.

दोनों देशों ने तलब किए एक-दूसरे के राजदूत

चीन-जापान विवाद कूटनीतिक स्तर पर भी उफान पर है. ओसाका में चीन के काउंसुल जनरल ने जापान के खिलाफ बेहद तीखी टिप्पणी की. इसके बाद जापान ने इसका औपचारिक विरोध दर्ज कराया. चीन ने दो साल बाद पहली बार जापानी राजदूत को तलब किया और चेतावनी दी कि जापान का सैन्य दखल “निश्चित रूप से विफल” होगा. जापान ने भी जवाब में चीनी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध जताया.

चीन की सख्त ट्रैवल एडवाइजरी

तनाव बढ़ने के बाद चीन ने अपने नागरिकों के लिए जापान को लेकर सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी की. तीन चीनी एयरलाइनों ने जापान की टिकटें मुफ्त में बदलने या रद्द करने की सुविधा दी. चीन ने अपने छात्रों को भी जापान में पढ़ाई के बारे में ‘‘दो बार सोचने’’ की सलाह दी. यह जापान के विश्वविद्यालयों को झटका दे सकता है, क्योंकि जापान में 2023 में मौजूद 3,36,708 विदेशी छात्रों में से 1,23,000 चीनी छात्र थे.

चीनी मीडिया का हमला और संभावित जोखिम

चीन की सरकारी मीडिया ने जापानी PM ताकाइची के बयान को “खतरनाक और भड़काऊ” बताया. रिपोर्टों में चेतावनी दी गई कि यदि चीन और जापान के बीच संघर्ष हुआ, तो अमेरिका भी इसमें शामिल हो सकता है, जिससे यह स्थिति और गंभीर रूप ले सकती है. ताइवान ने दोहराया कि उसका भविष्य केवल उसके लोग तय करेंगे, जबकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है.

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