एक ओर ट्रंप को चेतावनी, दूसरी तरफ खुद की मौत का खौफ... खामेनेई को फिर न्यूक्लियर बंकर में ले गई IRGC

Iran America Tension: ईरान में भले ही सड़कों पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता पहले जैसी न दिख रही हो, लेकिन हिंसा और मौतों का दौर अब भी थमा नहीं है. विभिन्न दावों के मुताबिक अब तक मरने वालों की संख्या पांच हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है.

warning to Trump fear of own death IRGC again took Khamenei to nuclear bunker
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Iran America Tension: ईरान में भले ही सड़कों पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता पहले जैसी न दिख रही हो, लेकिन हिंसा और मौतों का दौर अब भी थमा नहीं है. विभिन्न दावों के मुताबिक अब तक मरने वालों की संख्या पांच हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है. हालात शांत दिखने के बावजूद अंदरखाने तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसने देश की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर दबाव में डाल दिया है.

इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तीखी बयानबाज़ी ने हालात को और गंभीर बना दिया है. खामेनेई ने ट्रंप को सार्वजनिक रूप से ‘अपराधी’ करार दिया था. इसके जवाब में ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन यानी तख्तापलट की खुली धमकी दे डाली. इस जुबानी जंग ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया.

अचानक बंकर में छुपे खामेनेई, अटकलें तेज

तनाव के इस माहौल के बीच अचानक खबर सामने आई कि अयातुल्ला अली खामेनेई खुद को एक सुरक्षित बंकर में ले जाकर छुप गए हैं. यह खबर सामने आते ही कयासों का दौर शुरू हो गया. माना जा रहा है कि जब भी खामेनेई अंडरग्राउंड होते हैं, उसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते हैं. पिछली बार भी जब वे बंकर में गए थे, तब ईरान पर मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आई थीं. इसी वजह से अब आशंका जताई जा रही है कि देश में कोई बड़ा घटनाक्रम हो सकता है.

अमेरिका से तनाव के बीच दूसरी बार अंडरग्राउंड

बताया जा रहा है कि अमेरिका से बढ़ते तनाव के चलते खामेनेई पिछले सात महीनों में दूसरी बार अंडरग्राउंड हुए हैं. इससे पहले जून महीने में वे बंकर में छुपे थे और करीब 21 दिनों तक जमीन के नीचे ही रहे थे. उसी दौरान अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए थे. उस अनुभव के बाद खामेनेई का दोबारा बंकर में जाना ईरान की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

नेतन्याहू और ट्रंप की धमकियों से बढ़ा खतरा

खामेनेई के बंकर में जाने से ठीक पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान पर ऐसा हमला किया जाएगा, जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा. यह धमकी ईरान की ओर से इजरायल के खिलाफ कथित साजिशों को लेकर दी गई थी. ट्रंप की तख्तापलट की धमकी और नेतन्याहू की इस सख्त चेतावनी के बाद यह आशंका और गहरी हो गई है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर किसी भी वक्त तेहरान पर बड़ा हमला कर सकते हैं.

मोसाद और अमेरिकी हमले का डर

सूत्रों के मुताबिक खामेनेई को यह डर सता रहा है कि इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिकी एजेंसियां मिलकर अचानक हमला कर सकती हैं. इसी आशंका के चलते उन्होंने खुद को पूरी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचा लिया है. ईरान के शीर्ष नेतृत्व के इस कदम को केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि आने वाले खतरों का संकेत भी माना जा रहा है.

खामेनेई का बंकर: अभेद्य सुरक्षा का दावा

जिस बंकर में खामेनेई के छुपे होने की बात कही जा रही है, उसे अत्यंत मजबूत और अभेद्य बताया जाता है. यह बंकर लोहे और कंक्रीट की कई परतों से बना हुआ है और जमीन के सैकड़ों फीट नीचे स्थित है. इसे ‘फोर्टिफाइड कंक्रीट’ और स्टील के मोटे कवच से ढका बताया जाता है. दावा किया जाता है कि परमाणु हमले का असर भी इस बंकर तक नहीं पहुंच सकता. यहां तक कहा जाता है कि अमेरिका के सबसे घातक ‘बंकर बस्टर’ बम भी इसे भेदने में नाकाम हो सकते हैं.

ईरान में अनिश्चित भविष्य की आशंका

खामेनेई का अंडरग्राउंड होना, अमेरिका और इजरायल की खुली धमकियां और हजारों लोगों की मौत के दावे, ये सभी संकेत देते हैं कि ईरान एक बार फिर बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है. भले ही सड़कों पर शांति नजर आ रही हो, लेकिन पर्दे के पीछे हालात तेजी से बदल रहे हैं. आने वाले दिनों में ईरान में क्या होगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.

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