TMC Jahangir Khan: पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को फिर से मतदान होने जा रहा है. लेकिन चुनाव से सिर्फ 48 घंटे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींच लिए और अपना नाम वापस ले लिया. उन्होंने कहा कि यह फैसला व्यक्तिगत कारणों की वजह से लिया गया है. उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है.
जहांगीर खान की चर्चित विवादित टिप्पणी
चुनाव के दौरान जहांगीर खान काफी सुर्खियों में रहे थे. उन्होंने यूपी के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की ऑब्जर्वर के रूप में तैनाती पर सवाल उठाए थे. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था, "अगर वह (अजय पाल शर्मा) सिंघम हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं."
दरअसल, चुनाव में ड्यूटी के दौरान अजय पाल शर्मा को ‘सिंघम’ कहा गया था. उन्होंने जहांगीर खान के परिवार को चेतावनी दी थी कि अगर उनके लोग धमकी देते रहे तो कड़ी कार्रवाई होगी. इसके जवाब में जहांगीर खान ने खुद को ‘पुष्पा’ बताया और बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ‘पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है’. उन्होंने टीएमसी नेता जहांगीर खान को चेतावनी दी कि उनके मामलों को वह व्यक्तिगत रूप से देखेंगे.
फलता विधानसभा, हाई प्रोफाइल सीट
फलता विधानसभा क्षेत्र, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में आता है, जिसका प्रतिनिधित्व टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं. यही वजह है कि यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी के वरिष्ठ नेता इस क्षेत्र में कोई रैली या जनसभा नहीं कर पाए.
बीजेपी का रोड शो और शक्ति प्रदर्शन
21 मई को होने वाले पुनः मतदान से पहले, शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार (19 मई) को फलता में रोड शो किया. उन्होंने पहले एक मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद रोड शो शुरू किया. इस दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी समर्थक उपस्थित रहे और "जय श्री राम" के नारे लगाए. अधिकारी खुले वाहन में रोड शो के दौरान बीजेपी उम्मीदवार देबांशु पांडा के समर्थन में नजर आए.
सड़कों और छतों पर बीजेपी के झंडे लहर रहे थे और समर्थकों ने जुलूस पर फूल बरसाए. स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले 10 साल में टीएमसी समर्थित गुंडों की धमकियों के कारण कई लोग स्वतंत्र रूप से मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए. रोड शो को बीजेपी ने अपने शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश किया और पार्टी का दावा है कि राज्य में सरकार बनने के बाद जनता का उत्साह बढ़ गया है.
ये भी पढ़ें- इंसानों के लिए खतरा बना तो... पागल कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें बड़ी बातें