भारत ने एक बार फिर अंतरिक्ष में अपनी ताकत और तकनीकी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने सबसे बड़े और शक्तिशाली रॉकेट लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (LVM3-M6) का सफल प्रक्षेपण किया. इस मिशन के तहत अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल के नेक्स्ट-जेनरेशन कम्युनिकेशन सैटेलाइट, ब्लूबर्ड ब्लॉक-2, को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया गया. यह कदम न केवल भारत के लिए तकनीकी उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक लॉन्च बाजार में देश की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है.
पीएम मोदी ने दी इसरो को बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का पल बताते हुए इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत ने अंतरिक्ष में एक बड़ी छलांग लगाई है. उन्होंने कहा कि LVM3-M6 मिशन की सफलता के साथ देश ने अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट लॉन्च किया है, जो अमेरिका के ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह को अपनी सही कक्षा में पहुंचाने में सक्षम हुआ. प्रधानमंत्री ने इस सफलता को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि भारत अंतरिक्ष की दुनिया में लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहा है.