क्या है कार्बाइड गन, जिसको चलाने से MP के 30 लोग गंवा बैठे आंखों की रोशनी, ये देसी बंदूक कितनी खतरनाक?

मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन नामक देसी पटाखे ने ऐसी तबाही मचाई कि 30 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी चली गई. अस्पतालों में बच्चों और बड़ों सहित 300 से ज्यादा लोग आंखों की गंभीर चोटों के साथ भर्ती किए गए.

What is a carbide gun and how did it cause blindness during Diwali in Madhya Pradesh
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Carbide Gun: जहां पूरा देश रोशनी और उत्सव में डूबा हुआ था, वहीं कुछ घरों में दिवाली मातम में बदल गई. मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन नामक देसी पटाखे ने ऐसी तबाही मचाई कि 30 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी चली गई. अस्पतालों में बच्चों और बड़ों सहित 300 से ज्यादा लोग आंखों की गंभीर चोटों के साथ भर्ती किए गए. प्रतिबंध के बावजूद यह जानलेवा देसी गन बाजारों और गलियों में धड़ल्ले से बिकती रही. सवाल यह है कि आखिर क्या है यह कार्बाइड गन, और क्यों हर साल यह मासूमों की ज़िंदगी के लिए खतरा बन रही है?

मामले की जांच में सामने आया है कि कई पीड़ितों ने सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर खुद कार्बाइड गन बनाना सीखा. किसी ने यूट्यूब पर देखकर बनाई तो किसी ने बाज़ार से सस्ती कीमत पर खरीदी. 150 से 200 रुपये में मिलने वाली यह गन बच्चों के लिए दिवाली की नई मस्ती बन गई, लेकिन कई परिवारों के लिए यह हमेशा का दुख बनकर लौटी. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, जहां यह गन खुलेआम बेची जा रही थी, जबकि राज्य सरकार ने 18 अक्टूबर को ही इस पर प्रतिबंध लगा दिया था.

देसी तरीके से बनती है यह गन

कार्बाइड गन किसी कारखाने में नहीं बनती, बल्कि देसी जुगाड़ से तैयार की जाती है. इसमें प्लास्टिक पाइप, कैल्शियम कार्बाइड और पानी का उपयोग किया जाता है. पाइप में कार्बाइड डालकर उस पर कुछ बूंदें पानी की डाली जाती हैं, जिससे एक गैस बनती है, और जब लाइटर या माचिस की चिनगारी दिखाई जाती है, तो जोरदार धमाका होता है. यही धमाका बच्चों को रोमांचक लगता है लेकिन यही रोमांच उनके जीवन का सबसे बड़ा हादसा बन जाता है.

हादसा कैसे होता है? 

जब कार्बाइड और पानी के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू होती है, तो उसमें थोड़ा समय लगता है. बच्चे, अधीर होकर, पाइप के अंदर झांककर देखने लगते हैं कि धमाका क्यों नहीं हुआ. तभी अचानक तेज विस्फोट होता है. इस धमाके में निकले प्लास्टिक के टुकड़े और गरम गैस सीधे आंखों में जा लगते हैं. विस्फोट की ताकत इतनी ज्यादा होती है कि चेहरे की त्वचा और आंखों की परतें तक झुलस जाती हैं.

क्यों इतना खतरनाक है कैल्शियम कार्बाइड?

कैल्शियम कार्बाइड जब पानी के संपर्क में आता है, तो एसिटिलीन गैस बनाता है, वही गैस जो वेल्डिंग में इस्तेमाल की जाती है. यह अत्यधिक ज्वलनशील होती है और कुछ ही सेकंड में तेज धमाका कर सकती है. विस्फोट के समय गर्म गैस, केमिकल और पीवीसी पाइप के टुकड़े आंखों में धंस जाते हैं, जिससे कॉर्निया और कंजंक्टिवा बुरी तरह झुलस जाती हैं. कई मामलों में इससे स्थायी अंधत्व (परमानेंट ब्लाइंडनेस) हो जाता है.

फलों से पटाखों तक पहुंचा कार्बाइड का सफर

कभी यही कैल्शियम कार्बाइड फलों को पकाने में इस्तेमाल होता था, लेकिन स्वास्थ्य पर इसके खतरनाक असर की वजह से इस पर कानूनी प्रतिबंध लगा दिया गया. अब यही रासायनिक पदार्थ विस्फोटक मनोरंजन के रूप में अवैध रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है. कार्बाइड गन का निर्माण किसी लाइसेंस या सुरक्षा मानक के तहत नहीं होता, इसलिए यह पूरी तरह अवैध और घातक है.

प्रशासन की सख्ती और जांच शुरू

विदिशा समेत कई जिलों में हादसों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद यह गन बाजार में कैसे पहुंची. कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है, दर्जनों लोग हिरासत में हैं और एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. सरकार अब सोशल मीडिया पर फैले वीडियो को भी हटाने की प्रक्रिया में जुटी है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.

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