दूसरी बार क्रैश हुआ भारत का तेजस फाइटर जेट, पहली बार कब और क्यों हुआ था हादसा? जानें सबकुछ

दुबई एयर शो 2025 में भारतीय वायुसेना का तेजस एमके-1 लड़ाकू विमान एक नियमित एरोबेटिक प्रदर्शन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह हादसा दर्शकों की आंखों के सामने हुआ और टक्कर के तुरंत बाद विमान में आग लग गई.

When did Indias Tejas fighter jet crash for the first time
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

दुबई एयर शो 2025 में भारतीय वायुसेना का तेजस एमके-1 लड़ाकू विमान एक नियमित एरोबेटिक प्रदर्शन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह हादसा दर्शकों की आंखों के सामने हुआ और टक्कर के तुरंत बाद विमान में आग लग गई. इस दुखद घटना में पायलट की मौत हो गई. करीब 24 साल के इतिहास में तेजस विमान की यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है. तेजस अपने विकास और परिचालन काल में बेहद सुरक्षित विमान माना जाता रहा है, इसलिए यह घटना भारतीय रक्षा जगत और वायुसेना दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है.

दुबई एयर शो में कैसे हुआ हादसा?

दुबई में हो रहे इस साल के एयर शो में तेजस प्रदर्शन उड़ान के एक हाई-स्पीड पैंतरेबाज़ी के दौरान नियंत्रण खो बैठा. रिपोर्टों के अनुसार विमान ने एक नेगेटिव-जी मूवमेंट लिया, जिसमें विमान अचानक ऊंचाई खो बैठा और बहुत कम समय में नीचे गिर गया. कम ऊंचाई के कारण पायलट इजेक्ट नहीं कर सके और विमान तेज धमाके के साथ जमीन से जा टकराया.

एयर शो आयोजकों ने तुरंत कार्यक्रम को रोक दिया और घटना स्थल पर आपातकालीन टीम भेजी गई. वायुसेना ने पायलट की मृत्यु की पुष्टि करते हुए मामले की गहन जांच शुरू करने का आदेश दिया.

पहली दुर्घटना कब हुई थी?

तेजस की पहली क्रैश घटना 12 मार्च 2024 को राजस्थान के जैसलमेर में हुई थी. यह भारतीय सेनाओं के एक त्रि-सेवा अभ्यास के दौरान हुआ था. उस समय विमान में तकनीकी खराबी आई थी. शुरुआती जांच में पता चला था कि इंजन में तेल पंप गड़बड़ा गया था, जिससे इंजन बंद हो गया और विमान नीचे आने लगा.

उस हादसे में पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया था और उनकी जान बच गई थी. जमीन पर भी कोई नुकसान नहीं हुआ था. उस मामले में भी भारतीय वायुसेना ने व्यापक जांच करवाई थी.

तेजस: भारत का लड़ाकू विमान और सुरक्षा रिकॉर्ड

तेजस एक सिंगल-इंजन, डेल्टा-विंग, हल्का बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है. इसे भारत की पुरानी फ्लीट जैसे मिग-21 की जगह लेने और भविष्य में निर्यात के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया था.

दो दशक से अधिक के विकास और परीक्षण के बाद तेजस को बेहद सुरक्षित माना गया था. सार्वजनिक जानकारी के अनुसार इसके परिचालन दौर में अब तक सिर्फ दो दुर्घटनाएँ हुई हैं- एक 2024 में और दूसरी अब 2025 में. यही वजह है कि इसकी सुरक्षा रिकॉर्ड पर हमेशा भरोसा जताया जाता रहा, लेकिन दुबई दुर्घटना ने इस पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

होगी कोर्ट ऑफ इंक्वायरी, किन पहलुओं पर होगी जांच?

भारतीय वायुसेना ने दुबई एयर शो दुर्घटना पर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का ऐलान कर दिया है. जांच अधिकारी कई तकनीकी और मानवीय पहलुओं की समीक्षा करेंगे, जिनमें शामिल होंगे—

  • उड़ान-डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर की जांच
  • नेगेटिव-जी पैंतरेबाज़ी के दौरान विमान के नियंत्रण संबंधित डेटा
  • इंजन प्रदर्शन और सिस्टम लॉग
  • उड़ान के दौरान पायलट की प्रतिक्रिया, ऊंचाई और गति से जुड़े कारक
  • एयर शो में प्रदर्शन उड़ानों से जुड़े जोखिम और सुरक्षा प्रोटोकॉल

इस जांच के नतीजे भविष्य में तेजस की एयर-डेमो उड़ानों, स्टंट परमिशन, पायलट प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों पर असर डाल सकते हैं.

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