जब 1986 में भारतीय टीम ने एशिया कप का किया था बॉयकॉट, जानें क्या था कारण

India boycott 1986 asia cup: यूएई में एशिया कप का 17वां संस्करण ज़ोरों पर है. लेकिन टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला भारत बनाम पाकिस्तान, इस बार वैसा रोमांच पैदा नहीं कर पाया, जैसा आमतौर पर देखने को मिलता है.

When the Indian team boycotted the Asia Cup in 1986 know what was the reason
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India boycott 1986 asia cup: यूएई में एशिया कप का 17वां संस्करण ज़ोरों पर है. लेकिन टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला भारत बनाम पाकिस्तान, इस बार वैसा रोमांच पैदा नहीं कर पाया, जैसा आमतौर पर देखने को मिलता है.

स्टेडियम की खाली कुर्सियां और सोशल मीडिया पर वायरल होते #BoycottAsiaCup जैसे हैशटैग ये साफ कर रहे हैं कि इस बार बात सिर्फ क्रिकेट की नहीं है.

क्यों गुस्से में हैं भारतीय फैंस?

दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश का ग़ुस्सा सातवें आसमान पर है. 26 निर्दोष लोगों की जान जाने के बाद से भारतीय फैंस इस मैच को ‘क्रिकेट डिप्लोमेसी’ का हिस्सा मान रहे हैं और इस मुकाबले को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.

इतिहास खुद को दोहरा रहा है? 

साल था 1986. एशिया कप का दूसरा संस्करण होने वाला था, मेजबान था श्रीलंका. लेकिन तब भी भारत ने टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था.

भारत ने क्यों किया था 1986 का एशिया कप बॉयकॉट?

उस समय श्रीलंका में सिविल वॉर (गृहयुद्ध) चल रहा था. भारत सरकार ने अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए बीसीसीआई को श्रीलंका में टीम भेजने से मना कर दिया. नतीजतन, भारत ने पूरे टूर्नामेंट से हाथ पीछे खींच लिया. इस फैसले ने सिर्फ टूर्नामेंट के समीकरण ही नहीं बदले, बल्कि एक नई टीम को इतिहास में एंट्री भी दिला दी.

बांग्लादेश की एंट्री और वनडे डेब्यू

भारत की जगह टूर्नामेंट में उतरी बांग्लादेश की टीम, जिन्होंने उस समय तक कोई भी वनडे इंटरनेशनल मैच नहीं खेला था. एशिया कप 1986 में उन्होंने पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ अपने पहले वनडे मैच खेले, दोनों में हार मिली, लेकिन क्रिकेट इतिहास में उनका नाम दर्ज हो गया.

श्रीलंका बना चैंपियन, भारत गैरहाज़िर

1986 एशिया कप में श्रीलंका ने पाकिस्तान को फाइनल में हराकर अपना पहला एशिया कप खिताब जीता. उस साल भारत के बिना एशिया कप अधूरा सा लगा, और कहीं न कहीं उसकी कमी महसूस भी की गई.

फिर 1988 में भारत की वापसी

बांग्लादेश ने 1988 में एशिया कप की मेजबानी की और भारत ने वापसी करते हुए श्रीलंका को फाइनल में हराकर दूसरी बार एशिया कप जीता. इसके बाद भारत ने 1990 में पहली बार एशिया कप की मेज़बानी की, उस बार पाकिस्तान ने टूर्नामेंट का बहिष्कार किया.

खेल से बड़ा होता है भाव

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा से क्रिकेट से कहीं ज्यादा होता है. यह इतिहास, राजनीति, और जनता की भावना से जुड़ा होता है. आज 2025 में जब फैंस इस मैच से दूरी बना रहे हैं, तो यह केवल एक बॉयकॉट नहीं है, यह एक भावनात्मक संदेश है.

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