नई दिल्ली: दिल्ली में आयोजित भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस दौरान द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया. दोनों देशों के बीच यह सम्मेलन व्यापार, ऊर्जा, तकनीकी सहयोग, और सुरक्षा क्षेत्र में कई नए समझौतों के साथ समाप्त हुआ. आइए जानते हैं कि इस शिखर सम्मेलन में क्या महत्वपूर्ण घोषणाएं हुईं और उनके व्यापारिक रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है.