TikTok Ban Deal News: TikTok को लेकर अमेरिका और चीन के बीच चल रही तनातनी अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. हालिया घटनाक्रम में वाइट हाउस ने इस बहुचर्चित डील पर बड़ा अपडेट दिया है. अमेरिका ने साफ कर दिया है कि अब TikTok का एल्गोरिदम और संचालन पूरी तरह अमेरिकी नियंत्रण में होगा.
प्रेस सेक्रेटरी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि TikTok के नए बोर्ड में 7 में से 6 सदस्य अमेरिकी नागरिक होंगे, और डेटा की सुरक्षा की जिम्मेदारी Oracle जैसी अमेरिकी टेक कंपनी के पास होगी.
क्या है TikTok डील का पूरा मामला?
TikTok की पैरेंट कंपनी Bytedance पर अमेरिका का दबाव लंबे समय से जारी है. डेटा प्राइवेसी, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी दखल जैसे मुद्दों को लेकर अमेरिकी प्रशासन बार-बार इस चीनी ऐप पर सवाल खड़ा करता रहा है.
कांग्रेस पहले ही TikTok बैन का कानून पारित कर चुकी है, जिसे जनवरी से लागू किया जाना था. लेकिन, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से TikTok को कई बार अस्थायी राहत मिलती रही. अब बात यहां तक पहुंच चुकी है कि अमेरिकी सरकार की निगरानी में TikTok के अमेरिकी ऑपरेशंस को नया रूप देने की योजना लगभग फाइनल हो चुकी है.
वाइट हाउस का बयान क्या कहता है?
वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी के अनुसार:
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच क्या बात हुई?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक लंबी बातचीत हुई. ट्रंप का कहना है कि अमेरिका इस डील के लिए तैयार है और चीनी पक्ष की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं. हालांकि अभी तक चीन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि TikTok एल्गोरिदम पर अमेरिकी कंट्रोल की शर्तें मंजूर की गई हैं या नहीं.
आगे क्या हो सकता है?
जानकारों का मानना है कि TikTok डील अगले 30-45 दिनों में फाइनल हो सकती है. इस डील के बाद TikTok के अमेरिकी कारोबार में 80% हिस्सेदारी नए अमेरिकी निवेशकों के पास होगी. इसका उद्देश्य है कि अमेरिकी यूजर्स का डेटा चीनी निगरानी से दूर रखना. अमेरिका इसे नेशनल सिक्योरिटी जीत के तौर पर देख रहा है.
यह भी पढ़ें- टैरिफ, H-1B वीजा और GST रिफॉर्म...पीएम मोदी आज शाम 5 बजे देश को करेंगे संबोधित