कौन हैं ABVP के आर्यन मान? जो बने DUSU के नए अध्यक्ष, बिजनेस घराने से रखते हैं ताल्लुक

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया है. इस बार छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर आर्यन मान ने शानदार जीत दर्ज की है.

Who is ABVP s Aryan Mann the new DUSU president
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DUSU Chunav 2025: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया है. इस बार छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर आर्यन मान ने शानदार जीत दर्ज की है. 18 सितंबर को हुई वोटिंग में 1.55 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया, और आर्यन ने 28,841 वोटों के साथ एनएसयूआई की जोसलिन नंदिता चौधरी को 16,000 से ज्यादा वोटों से पीछे छोड़ दिया. 

कौन हैं आर्यन मान?

हरियाणा के बहादुरगढ़ से ताल्लुक रखने वाले आर्यन मान कोई साधारण छात्र नहीं हैं. एक कुश्ती परिवार से निकले इस युवा ने हंसराज कॉलेज से बीकॉम पूरा किया और अब डीयू से एमए लाइब्रेरी साइंस कर रहे हैं. नेशनल लेवल फुटबॉल प्लेयर होने के नाते उन्होंने स्पोर्ट्स कोटा से एंट्री ली, और छात्र राजनीति में कूद पड़े. फीस हाइक के खिलाफ आंदोलनों से लेकर कैंपस सुविधाओं की मांग तक, आर्यन ने हर मूवमेंट में अपनी छाप छोड़ी. उनकी एनर्जी और ग्रासरूट कनेक्शन ने उन्हें एबीवीपी का चहेता बना दिया एक ऐसा लीडर जो मैदान से लेकर मीटिंग रूम तक सब जगह फिट बैठता है.

शराब कारोबार के बादशाह और गांव के सरपंच

आर्यन की जड़ें एक पावरफुल बिजनेस फैमिली में हैं, जहां उनके पिता सिकंदर मान का नाम खासा गूंजता है. बेरी स्थित एडीएस ग्रुप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सिकंदर, रॉयल ग्रीन व्हिस्की ब्रांड के मालिक हैं, और उनकी कंपनी का टर्नओवर 1,590 करोड़ रुपये से ऊपर है.  लेकिन ये सिर्फ बिजनेस नहीं सिकंदर दो बार लोवा कलां गांव के सरपंच रह चुके हैं, जो फैमिली की सामाजिक जड़ों को दिखाता है. उनके चाचा दलबीर मान भी लिकर ट्रेड के बड़े नाम हैं, जो कभी भूपिंदर सिंह हुड्डा के करीबी थे और अब बीजेपी की तरफ झुके हुए हैं. यह लिगेसी आर्यन को राजनीतिक समझ देती है, लेकिन विवादों का भी सबब बनी.

भाई विराट मान: कैंपेनिंग के हीरो और फैमिली बिजनेस के सीईओ

आर्यन के बड़े भाई विराट मान ने इस चुनाव में भाई का साथ निभाया जैसे कोई प्रोफेशनल कैंपेन मैनेजर. एडीएस ग्रुप के सीईओ और रोकोब्रांड के डायरेक्टर विराट ने कैंपिंग में जमकर मेहनत की, छात्रों से डोर-टू-डोर कनेक्ट किया.  फैमिली बिजनेस को संभालते हुए वे हरियाणा की राजनीति में भी सक्रिय हैं. विराट की यह भूमिका न सिर्फ फैमिली बॉन्डिंग दिखाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि मान घर में लीडरशिप जेनेटिक है चाहे बिजनेस हो या पॉलिटिक्स.

वादों का पुलिंदा: मेट्रो पास से लेकर स्पोर्ट्स अपग्रेड तक

कैंपेनिंग में आर्यन ने छात्रों के दिल जीतने के लिए जमकर वादे बांटे. सस्ते मेट्रो पास, कैंपस में फ्री वाई-फाई, दिव्यांगों के लिए आसान एक्सेसिबिलिटी ऑडिट, रिसर्च स्कॉलर्स को फाइनेंशियल हेल्प, और स्पोर्ट्स फैसिलिटीज का अपग्रेड ये उनके मेनिफेस्टो के हाइलाइट्स थे.  इसके अलावा, मेंस्ट्रुअल लीव, सैनिटरी पैड डिस्पेंसर और मेंटल हेल्थ काउंसलर्स जैसे प्रोग्रेसिव आइडियाज ने युवाओं को आकर्षित किया. अब सवाल यह है कि क्या ये वादे कागज पर ही रहेंगे, या कैंपस को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे?

बॉलीवुड का साथ: संजय दत्त से रणदीप हुड्डा तक का एंडोर्समेंट

संजय दत्त ने वीडियो अपील कर उन्हें अपना 'भतीजा' बताया और वोट मांगने की अपील की, जो 7 मिलियन व्यूज पार कर गया.  रणदीप हुड्डा, विंदू दारा सिंह, सांसद मनोज तिवारी और हरियाणवी सिंगर्स जैसे मासूम शर्मा ने भी सपोर्ट किया. यहां तक कि खाप पंचायतों का भी बैकिंग मिला, जो हरियाणा कनेक्शन को मजबूत बनाता है. यह सेलिब्रिटी सपोर्ट न सिर्फ कैंपेन को बूस्ट देता है, बल्कि दिखाता है कि छात्र राजनीति अब ग्लैमर से दूर नहीं.

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