Balram Thakur Encounter: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शनिवार शाम एक बड़े पुलिस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया, जिसमें कुख्यात अपराधी और अनिल दुजाना गैंग का सक्रिय सदस्य बलराम ठाकुर मारा गया. वेव सिटी थाना क्षेत्र में हुए इस एनकाउंटर को कानून-व्यवस्था पर योगी सरकार की सख्त नीति का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है.
बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद का निवासी बलराम ठाकुर, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से अपराध का पर्याय बन चुका था. हत्या, रंगदारी, लूट जैसे संगीन अपराधों में उसके खिलाफ 34 से अधिक मामले दर्ज थे. अनिल दुजाना गैंग का यह सक्रिय सदस्य, दुजाना के मारे जाने के बाद भूमिगत हो गया था, लेकिन हाल ही में वह फिर से सक्रिय होकर व्यापारियों और ठेकेदारों को धमकाने लगा था.
एनकाउंटर की पूरी कहानी
पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ के अनुसार, शनिवार को बलराम को घेरने गई पुलिस टीम पर उसने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. पुलिस की गाड़ी पर गोलियों के पांच निशान मिले हैं, जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हुए. जवाबी कार्रवाई में बलराम मौके पर ही ढेर हो गया. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि, "यह ऑपरेशन अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है, कानून से कोई नहीं बच सकता."
व्यवसायियों से करता था उगाही
एनकाउंटर से दो दिन पहले ही बलराम ने मदन स्वीट्स और एक लोहा कारोबारी से लाखों रुपये की रंगदारी मांगी थी. खुफिया इनपुट के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और उसकी लोकेशन ट्रैक कर ऑपरेशन को अंजाम दिया.
कमिश्नर का सख्त संदेश
कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने स्पष्ट किया कि गाजियाबाद में अपराध की कोई जगह नहीं है. इस मुठभेड़ को उनके कार्यकाल का पहला बड़ा एक्शन माना जा रहा है. साथ ही बलराम के नेटवर्क और सहयोगियों की पहचान के लिए पुलिस ने फॉलो-अप जांच तेज कर दी है.
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