John Kiriakou On Laden: दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के फरार होने की कहानी पर एक नया रहस्य जुड़ गया है. अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के पूर्व अधिकारी जॉन किरियाकू ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि 2001 में अफगानिस्तान के टोरा बोरा पहाड़ों से ओसामा महिला का भेष बनाकर भाग निकला था. किरियाकू ने यह दावा न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए एक विशेष साक्षात्कार में किया.
किरियाकू, जिन्होंने CIA में 15 वर्षों तक सेवा दी और पाकिस्तान में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन का नेतृत्व किया, ने कहा, “अक्टूबर 2001 में हमें लगा था कि हमने ओसामा और अल-कायदा नेतृत्व को टोरा बोरा में घेर लिया है, लेकिन बाद में पता चला कि हमारी ही टीम में एक ट्रांसलेटर अल-कायदा का घुसपैठिया था.”
उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने ओसामा को पहाड़ से नीचे आने को कहा. इस पर ओसामा ने ट्रांसलेटर के ज़रिए कहा, “हमें सुबह तक का समय दें ताकि महिलाएं और बच्चे निकल जाएं, उसके बाद हम आत्मसमर्पण कर देंगे.” जनरल फ्रैंक्स ने यह शर्त मंज़ूर कर ली, लेकिन रात के अंधेरे में ओसामा ने औरत के कपड़े पहने, एक ट्रक में बैठा और पाकिस्तान भाग गया.
“सुबह हुई तो वहां कोई नहीं था”
किरियाकू ने बताया, “सुबह जब सूरज उगा तो हमें पता चला कि पूरा अल-कायदा ग्रुप वहां से फरार हो चुका था. हमें लड़ाई पाकिस्तान की सीमा तक ले जानी पड़ी.” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उस समय अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद करीबी थे. किरियाकू ने कहा, “साफ कहें तो हमने परवेज मुशर्रफ को खरीद लिया था. अरबों डॉलर की सैन्य और आर्थिक मदद दी, और बदले में वे हमें हर तरह की अनुमति दे देते थे,” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तानी सेना का असली ध्यान अल-कायदा पर नहीं, बल्कि भारत पर था.
CIA को मिला लश्कर-ए-तैयबा और अल-कायदा का कनेक्शन
मार्च 2002 में CIA ने लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के एक सेफ हाउस पर छापा मारा. किरियाकू के अनुसार, “वहां से हमें तीन आतंकी मिले जिनके पास अल-कायदा का ट्रेनिंग मैनुअल था. यही पहली बार था जब हमें लश्कर और अल-कायदा के बीच सीधा संबंध मिला.”
उन्होंने बताया कि इस मिशन के बाद CIA के डिप्टी डायरेक्टर ने इसे ‘गेम-चेंजिंग डिस्कवरी’ बताया था, क्योंकि यह पहली बार था जब अमेरिकी एजेंसी पाकिस्तानी नेटवर्क को सीधे अल-कायदा से जोड़ने में सफल हुई.
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