अफगान नागरिकों पर कहर बरपाने की तैयारी में पाकिस्तान, उठाने वाला है ये बड़ा कदम

Pakistan Afghanistan Tensions: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत में स्थित 35 अफगान शरणार्थी कैंपों को बंद करने का बड़ा निर्णय लिया है.

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Pakistan Afghanistan Tensions: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत में स्थित 35 अफगान शरणार्थी कैंपों को बंद करने का बड़ा निर्णय लिया है. प्रांत के होम डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार, कुल 42 कैंप बनाए गए थे, जिनमें से 7 कैंप पहले ही बंद किए जा चुके हैं. अब शेष 35 कैंपों को चरणबद्ध तरीके से खाली कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है.

इन कैंपों में लगभग 5 लाख अफगान शरणार्थी कई वर्षों से रह रहे हैं, जिनमें से अधिकांश के पास वैध दस्तावेज नहीं हैं. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि अब सभी शरणार्थियों की सटीक जांच (स्क्रीनिंग) की जाएगी और जिनके पास कानूनी दस्तावेज नहीं हैं, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

क्यों उठाया गया यह कदम?

पाकिस्तान सरकार ने इस कदम को सुरक्षा कारणों से जोड़ा है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है. सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शरणार्थियों के रजिस्ट्रेशन, आने-जाने और व्यापारिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौन लोग कानूनी रूप से रह रहे हैं और कौन अवैध रूप से.

सरकार का यह भी दावा है कि इस प्रक्रिया के दौरान अफगानिस्तान लौटने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है. हालांकि, इस निर्णय से लाखों शरणार्थियों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है. कई शरणार्थियों को यह नहीं पता कि अब उन्हें कहां जाना होगा और उनके लिए क्या इंतजाम किए जाएंगे.

पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में बढ़ता तनाव

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन से टीटीपी (Tehrik-i-Taliban Pakistan) पाकिस्तान पर हमले करती है, जबकि अफगानिस्तान इस आरोप को नकारता रहा है. हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया. 9 अक्टूबर को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में ड्रोन हमले किए, जिनमें सैनिक और नागरिक दोनों की जानें गईं.

तुर्की और कतर की मध्यस्थता में 19 अक्टूबर को दोनों पक्षों ने युद्धविराम पर सहमति जताई और इस्तांबुल में बातचीत भी हुई. लेकिन पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से लिखित सुरक्षा गारंटी की मांग की थी, जिस पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला.
इसी बीच अफगानिस्तान में हुए एयरस्ट्राइक में 9 बच्चों की मौत हो गई. पाकिस्तान ने इन हमलों में शामिल होने से इनकार किया है.

शरणार्थियों के सामने अनिश्चित भविष्य

खैबर पख्तूनख्वा में कैंपों के बंद होने से लाखों शरणार्थियों के लिए रोज़मर्रा की ज़िंदगी और भविष्य असुरक्षित हो गया है. ये लोग लंबे समय से इस प्रांत में रह रहे थे और अब उन्हें नए ठिकानों, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की चिंता सताने लगी है.

विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से सुरक्षा के लिहाज से लाभ हो सकता है, लेकिन मानवीय संकट की संभावना भी बढ़ गई है. शरणार्थियों की वैधता और सुरक्षा की जांच आवश्यक है, लेकिन उन्हें वैकल्पिक ठिकाने और मूलभूत सहूलियतें देने की योजना भी तत्काल बनाई जानी चाहिए.

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