गोवा में स्थापित हुई विश्व की सबसे ऊंची श्रीराम प्रतिमा, पीएम मोदी ने किया अनावरण

PM Modi Lord Ram 77 Feet Statue: गोवा के पर्तगाली इलाके कनकोण में स्थित श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां भगवान श्रीराम की 77 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया, जिसे विश्व की सबसे ऊंची राम प्रतिमा कहा जा रहा है.

World tallest Shri Ram statue installed in Goa PM Modi unveiled
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PM Modi Lord Ram 77 Feet Statue: गोवा के पर्तगाली इलाके कनकोण में स्थित श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां भगवान श्रीराम की 77 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया, जिसे विश्व की सबसे ऊंची राम प्रतिमा कहा जा रहा है. इस भव्य कांस्य प्रतिमा के निर्माता हैं प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार, जिन्होंने पहले ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का डिजाइन भी किया था.

77 फीट ऊंची यह प्रतिमा न केवल आकार में विशाल है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्व रखती है. प्रधानमंत्री मोदी ने अनावरण के बाद आयोजित जनसभा में कहा कि श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगली जीवोत्तम मठ इस वर्ष अपनी स्थापना की 550वीं वर्षगाठ मना रहा है. उन्होंने कहा, “बीते 550 वर्षों में इस मठ ने समय के कई चक्रवात झेले हैं. युग बदला, दौर बदला, लेकिन इस मठ ने अपनी दिशा कभी नहीं खोई. यह हमेशा लोगों को मार्गदर्शन देने वाला केंद्र रहा है, और यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है.”

मठ परिसर में प्रधानमंत्री ने मठ के मंदिर में पूजा-अर्चना की और परिसर का दौरा भी किया. यह मठ न केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि सारस्वत समुदाय के लिए गहन सामाजिक और धार्मिक महत्व रखता है.

मठ का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ को गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का पहला वैष्णव मठ माना जाता है. इसका इतिहास 13वीं शताब्दी तक जाता है, जब इसे जगद्गुरु माधवाचार्य द्वारा स्थापित किया गया था. मठ द्वैत वेदांत परंपरा का अनुयायी है और सदियों से आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान के लिए प्रसिद्ध रहा है.

मठ का मुख्यालय दक्षिण गोवा के पर्तगाली कस्बे में, शांत कुशावती नदी के किनारे स्थित है. यहां का शांत और प्राकृतिक वातावरण मठ को एक धार्मिक तीर्थस्थल के रूप में प्रतिष्ठित करता है. यह मठ न केवल धार्मिक कर्मकांड का केंद्र है, बल्कि संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक सेवाओं में भी अपनी अलग पहचान रखता है.

जीर्णोद्धार और आधुनिक रूपांतरण

गोवा के लोक निर्माण विभाग मंत्री दिगंबर कामत ने बताया कि मठ परिसर का पूरी तरह से जीर्णोद्धार किया गया है. पुराने और ऐतिहासिक ढांचे को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपायों के साथ पुनर्निर्मित किया गया है, ताकि मठ अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान को भविष्य की पीढ़ियों तक सुरक्षित रख सके.

समारोह और महत्वपूर्ण उपस्थितियाँ

प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, समारोह में गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी उपस्थित थे. उन्होंने मठ के भव्य उद्घाटन का हिस्सा बनकर न केवल धार्मिक महत्व को सम्मान दिया, बल्कि गोवा के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को भी उजागर किया.

अंतरराष्ट्रीय और धार्मिक दृष्टि से महत्व

इस 77 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण से भारत में धार्मिक पर्यटन को भी एक नई दिशा मिली है. मठ और प्रतिमा न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकती है. मूर्तिकार राम सुतार की यह रचना, भारत की मूर्तिकला और कला कौशल का अद्वितीय उदाहरण है.

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