नई दिल्ली: जैसे-जैसे सैन्य तकनीक आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे युद्ध का स्वरूप भी पूरी तरह बदलता जा रहा है. आधुनिक युद्ध अब केवल हथियारों की दूरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्पीड, मैन्यूवरेबिलिटी, पेलोड और मिसाइल डिफेंस को चकमा देने की क्षमता निर्णायक भूमिका निभा रही है. आज दुनिया जिन मिसाइलों को विकसित कर रही है, वे मौजूदा एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं.
हाल के वर्षों में ईरान, रूस, चीन, भारत और उत्तर कोरिया जैसी ताकतों ने ऐसी मिसाइलें तैयार की हैं, जिन्हें इंटरसेप्ट करना बेहद मुश्किल माना जाता है. हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल, सॉलिड-फ्यूल ICBM और नई पीढ़ी की क्रूज मिसाइलें पारंपरिक डिफेंस सिस्टम को लगभग अप्रभावी बना रही हैं. यही कारण है कि अमेरिका ने ‘गोल्डन डोम’ जैसे नए एयर डिफेंस प्रोजेक्ट पर अरबों डॉलर खर्च करने का फैसला किया है.
यहां हम आपको दुनिया की उन 10 सबसे लंबी दूरी और सबसे घातक मिसाइलों के बारे में बता रहे हैं, जो आधुनिक युद्ध का चेहरा बदलने की क्षमता रखती हैं.
1. RS-28 सरमत (रूस)
रूस की RS-28 Sarmat इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को दुनिया की सबसे खतरनाक ICBM में गिना जाता है. इसे पुरानी R-36M मिसाइल की जगह तैनात किया गया है.
इसका लॉन्च वजन 200 टन से ज्यादा है और इसकी रेंज 18,000 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है. यह मिसाइल MIRV और हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल जैसे कई तरह के वॉरहेड ले जा सकती है.
सरमत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह गैर-पारंपरिक रास्तों, यहां तक कि दक्षिणी ध्रुव के ऊपर से भी उड़ान भर सकती है, जिससे दुश्मन के डिफेंस सिस्टम को चकमा देना आसान हो जाता है.
2. DF-41 (चीन)
चीन की DF-41 मिसाइल को उसकी रणनीतिक ताकत की रीढ़ माना जाता है. यह रोड-मोबाइल और रेल-मोबाइल प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है. इसकी रेंज 12,000 से 15,000 किलोमीटर के बीच मानी जाती है और यह एक साथ 10 अलग-अलग टारगेट को निशाना बना सकती है.
DF-41 को खास तौर पर अमेरिका तक हमला करने की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है और इसने चीन की सेकंड-स्ट्राइक क्षमता को मजबूत किया है.
3. Trident II D5 (अमेरिका/ब्रिटेन)
Trident II D5 दुनिया के सबसे भरोसेमंद मिसाइल सिस्टम्स में से एक है. इसे अमेरिकी ओहियो-क्लास और ब्रिटिश वैनगार्ड-क्लास परमाणु पनडुब्बियों से लॉन्च किया जाता है.
इसकी रेंज करीब 12,000 किलोमीटर है और इसे कई बार अपग्रेड किया जा चुका है, ताकि यह 2040 तक सेवा में बनी रहे.
4. अग्नि-5 (भारत)
भारत की अग्नि-5 एक स्वदेशी परमाणु क्षमता वाली ICBM है, जिसे DRDO ने विकसित किया है. आधिकारिक तौर पर इसकी रेंज 5,000 किलोमीटर बताई जाती है, लेकिन पश्चिमी विश्लेषकों का मानना है कि इसकी वास्तविक क्षमता 7,000–8,000 किलोमीटर तक हो सकती है.
इसकी स्पीड Mach 24 तक बताई जाती है और हाल के वर्षों में इसमें MIRV तकनीक को भी शामिल किया गया है, जिससे यह कई टारगेट को एक साथ भेद सकती है.
5. Avangard Hypersonic Glide Vehicle (रूस)
रूस का Avangard एक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल है, जिसकी रेंज करीब 6,000 किलोमीटर है.
यह पारंपरिक बैलिस्टिक री-एंट्री व्हीकल से अलग होकर वातावरण में ग्लाइड करता है और बेहद तेज गति से दिशा बदल सकता है. इसकी जबरदस्त काइनेटिक एनर्जी इसे अत्यधिक विनाशकारी बनाती है.
6. DF-17 (चीन)
DF-17 दुनिया का पहला ऑपरेशनल मिसाइल सिस्टम माना जाता है, जिसे खास तौर पर हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी रेंज लगभग 2,500 किलोमीटर है और इसे चीन ने भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे क्षेत्रीय खतरों को ध्यान में रखकर विकसित किया है.
7. Kh-47M2 Kinzhal (रूस)
रूस की किंझल एक एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे MiG-31 लड़ाकू विमान से दागा जाता है. यह Mach 10 से ज्यादा की स्पीड हासिल कर सकती है और इसकी रेंज लॉन्च कंडीशन के आधार पर 2,000 किलोमीटर से अधिक है.
यूक्रेन युद्ध में इसके इस्तेमाल के बाद पश्चिमी एयर डिफेंस सिस्टम की सीमाएं उजागर हो गईं.
8. 3M22 Zircon (रूस)
ज़िरकॉन एक हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसमें स्क्रैमजेट इंजन का इस्तेमाल किया गया है. यह पूरी उड़ान के दौरान Mach 9 की रफ्तार बनाए रखती है और इसकी रेंज करीब 1,000 किलोमीटर है.
इसे इंटरसेप्ट करना मौजूदा डिफेंस सिस्टम के लिए लगभग असंभव माना जाता है.
9. Long-Range Hypersonic Weapon (अमेरिका)
अमेरिका का लॉन्ग-रेंज हाइपरसोनिक वेपन, जिसे डार्क ईगल भी कहा जाता है, उसकी पहली जमीन-से-लॉन्च की जाने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल है. इसकी रेंज करीब 2,700 किलोमीटर है. हालांकि अभी इसे युद्ध में परखा नहीं गया है, इसलिए इसकी ऑपरेशनल क्षमता पर सवाल बने हुए हैं.
10. Hwasong-18 (उत्तर कोरिया)
Hwasong-18 उत्तर कोरिया की पहली सॉलिड-फ्यूल ICBM है. सॉलिड-फ्यूल की वजह से इसे बेहद कम समय में लॉन्च किया जा सकता है. उत्तर कोरिया दावा करता है कि इसकी रेंज 15,000 किलोमीटर है और इसे अमेरिका को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है.
हालांकि इसकी क्षमताओं को लेकर ओपन-सोर्स पुष्टि नहीं होने के कारण इसे इस सूची में 10वें स्थान पर रखा गया है.
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