दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बना जकार्ता, टॉप 10 में भारत के भी दो शहर शामिल, देखें लिस्ट

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता अब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बन गया है. संयुक्त राष्ट्र (UN) के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक एंड सोशल अफेयर्स की हालिया रिपोर्ट “World Urbanization Prospects 2025” में यह जानकारी सामने आई है.

worlds most populous city Two cities of India included
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता अब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बन गया है. संयुक्त राष्ट्र (UN) के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक एंड सोशल अफेयर्स की हालिया रिपोर्ट “World Urbanization Prospects 2025” में यह जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट में नए क्राइटेरिया और जनसंख्या अनुमान का उपयोग किया गया है. इसके अनुसार, जकार्ता की आबादी 42 मिलियन (4.2 करोड़) हो गई है, जो किसी भी अन्य शहर से अधिक है.

इस बदलाव के साथ जापानी राजधानी टोक्यो, जिसे लंबे समय तक दुनिया का सबसे बड़ा शहर माना जाता था, तीसरे स्थान पर खिसक गई है.

जकार्ता की आबादी में तेजी

रिपोर्ट में बताया गया है कि 1970 के दशक तक जकार्ता केवल कुछ मिलियन की आबादी वाला शहर था. पिछले कई दशकों में शहर में जनसंख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है. बढ़ती अर्थव्यवस्था, शहर की व्यापकता और ग्रामीण से शहरी प्रवास की वजह से जकार्ता की आबादी चार करोड़ से अधिक तक पहुंच गई.

विशेषज्ञों का कहना है कि जकार्ता की इतनी तेजी से बढ़ती आबादी ने शहर के बुनियादी ढांचे, ट्रैफिक, आवास और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बढ़ा दिया है.

दुनिया के अन्य बड़े शहर और उनकी आबादी

जकार्ता के बाद सबसे अधिक आबादी वाला शहर बांग्लादेश की राजधानी ढाका है. ढाका में अब लगभग 37 मिलियन (3.7 करोड़) लोग रहते हैं. जापान की टोक्यो राजधानी अब तीसरे स्थान पर है, जहां 33 मिलियन (3.3 करोड़) लोग निवास करते हैं.

भारत के शहरों की बात करें तो नई दिल्ली की आबादी अब 3.02 करोड़ के करीब पहुंच चुकी है. इसके बाद कोलकाता 2.25 करोड़ की आबादी के साथ टॉप-10 में शामिल है.

चीनी शहरों में शंघाई की आबादी 2.96 करोड़ और ग्वांगझू में 2.76 करोड़ है. फिलीपींस की मनीला में 2.47 करोड़ लोग रहते हैं. दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में भी 2.25 करोड़ लोग निवास करते हैं.

टॉप-10 में एशिया के शहरों का दबदबा है, जहां नौ में से नौ शहर एशियाई हैं. एशिया के बाहर टॉप-10 में अकेला शहर मिस्र की राजधानी काहिरा है.

एशियाई शहरों में जनसंख्या का दबदबा

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 33 मेगासिटी में से 19 शहर एशिया में हैं. ये आंकड़े दिखाते हैं कि शहरीकरण और आबादी में वृद्धि का केंद्र अब एशियाई शहरों में केंद्रित है.

विशेषज्ञों के अनुसार, एशियाई शहरों में आबादी का इतना तेज़ी से बढ़ना आर्थिक अवसरों, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं, और रोज़गार के कारण है. हालांकि, यह बढ़ती जनसंख्या कई शहरों के लिए गंभीर चुनौतियां भी खड़ी करती है, जैसे आवास संकट, ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और जल आपूर्ति की समस्या.

भारत के शहर और शहरीकरण की चुनौती

नई दिल्ली और कोलकाता जैसे भारतीय शहर लगातार बढ़ती आबादी से प्रभावित हैं. दिल्ली में शहरी जनसंख्या की वृद्धि के कारण यातायात, वायु प्रदूषण, और मूलभूत सुविधाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है. वहीं कोलकाता में भी पानी, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं की चुनौती सामने आ रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दशक में भारत और एशियाई शहरों को अपने शहरी विकास और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करना होगा, ताकि जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न दबाव को संभाला जा सके.

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