UP News: उत्तर प्रदेश के औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त ने सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि कोल्ड्रिफ सिरप के सैंपल तुरंत इकट्ठा किए जाएं और उन्हें जांच के लिए लखनऊ की लैब में भेजा जाए. इसके साथ ही राज्य में इस सिरप का आयात-निर्यात और बिक्री अगले आदेश तक पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है.
सख्ती से पालन के आदेश
सरकारी आदेश में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए. औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस एक्शन का मकसद किसी भी संभावित त्रासदी को टालना है.
फार्मेसी पर छापेमारी
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीमें अब सिरप की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसियों पर औचक छापेमारी कर रही हैं. राजधानी लखनऊ के लोहिया अस्पताल में फार्मेसी और बाहर की दुकानों से भी सिरप के सैंपल लिए गए हैं. यह सिरप अब राज्यभर के मेडिकल स्टोर्स की रडार पर है.
दूसरी दवाइयों की भी हो रही जांच
प्रशासन ने सिर्फ कोल्ड्रिफ ही नहीं, बल्कि अन्य फार्मास्युटिकल उत्पादों की भी जांच शुरू कर दी है. ड्रग कंट्रोल विभाग ने साफ किया है कि कोई भी दवा अगर संदिग्ध पाई जाती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
एमपी की घटना के बाद अलर्ट मोड में यूपी
यह सारा मामला तब सामने आया जब मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ सिरप पीने से 14 बच्चों की मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया. रविवार को भोपाल और जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग की.
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