Afghan People Thanks S Jaishankar: अफगानिस्तान में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद भारत ने एक बार फिर अपनी मानवता और दोस्ती की मिसाल पेश की है. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भूकंप के तुरंत बाद अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी से फोन पर बातचीत की और भूकंप से हुई जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की. इसके साथ ही भारत की ओर से हर संभव मदद देने का भरोसा भी दिलाया.
जयशंकर ने इस बातचीत की जानकारी अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा की, जिसके बाद अफगान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारत के प्रति कृतज्ञता की लहर दौड़ गई. हजारों अफगान नागरिकों ने भारतीय तिरंगे और अफगान झंडे के साथ दिल वाले इमोजी शेयर करते हुए लिखा, “थैंक यू डॉक्टर साहिब, आपने एक बार फिर हमारे दिल जीत लिए.”
Called FM Mawlawi Amir Khan Muttaqi of Afghanistan this afternoon to convey condolences at the loss of lives in the earthquake that struck Balkh, Samangan and Baghlan provinces.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) November 3, 2025
Indian relief material for the earthquake impacted communities is being handed over today. Further…
अफगानिस्तान में फिर आया 6 तीव्रता से अधिक का भूकंप
अफगानिस्तान के बल्ख, समनगन और बगलान प्रांतों में आए इस भूकंप से कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों घर मलबे में तब्दील हो गए. राहत एजेंसियों के अनुसार, यह झटका 6 से अधिक तीव्रता वाला था और इसके केंद्र बिंदु के पास सबसे ज्यादा तबाही देखी गई. भारत ने इस आपदा पर तुरंत प्रतिक्रिया दी.
जयशंकर ने लिखा, “आज दोपहर अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी से बात की. बल्ख, समनगन और बगलान प्रांतों में भूकंप से हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की. भारत से राहत सामग्री आज भेजी जा रही है, जिसमें टेंट, कंबल, खाद्य सामग्री और दवाइयां शामिल हैं. जल्द ही दवाओं की अतिरिक्त खेप भी रवाना की जाएगी.”
Thank you, India, for standing with the victims of the recent earthquake in Afghanistan. Your kindness brings hope to those who’ve lost so much. 🇦🇫🤝🇮🇳
— Wahida 🇦🇫 (@RealWahidaAFG) November 3, 2025
उन्होंने यह भी बताया कि इस बातचीत में दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में हुए द्विपक्षीय प्रगति पर चर्चा हुई और भारत-अफगानिस्तान के बीच बढ़ते “पीपुल-टू-पीपुल कॉन्टैक्ट” का स्वागत किया गया.
“भारत सच्चा दोस्त है”
जयशंकर के ट्वीट के बाद अफगान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारत और भारतीय विदेश मंत्री के लिए आभार संदेशों की बाढ़ आ गई. जहान-ए-फिक्र (Jehan-e-Fikr) नाम के एक यूजर ने लिखा, “थैंक यू डॉक्टर साहिब, आपकी बातों और रवैये ने एक बार फिर अफगानों के दिल जीत लिए. जब पाकिस्तान हर मोर्चे पर अपनी साख खो रहा है, भारत सम्मान और भरोसा कमा रहा है.”
वाहिदा, एक अफगान महिला ने पोस्ट किया, “थैंक यू इंडिया, उन लोगों के साथ खड़ा रहने के लिए जो भूकंप से तबाह हुए हैं. आपकी दया और मदद हमारे लिए उम्मीद लेकर आई है.”
Thank you, Doctor Sahib.
— جہانِ فکر (@viewstrategics) November 3, 2025
Your words and stance have already won the hearts of Afghans. While Pakistan continues to lose credibility and respect on every front, India is steadily gaining ground and earning admiration across the region.
Thank you. 🙏
वहीं सोहेब निकजाद ने लिखा, “हम भारत की जनता और सरकार के शुक्रगुज़ार हैं, जिन्होंने हमेशा मुश्किल वक्त में अफगानिस्तान के साथ खड़े होकर दोस्ती निभाई है.” अख्तर मोहम्मद ने जयशंकर के उस बयान को शेयर किया जिसमें उन्होंने कहा था, “भारत अफगान जनता के साथ पीपुल-टू-पीपुल कॉन्टैक्ट का स्वागत करता है.”
उन्होंने लिखा, “हमारा पूरा परिवार भारत का आभारी है. जयशंकर और भारत जैसे देश ने हर कठिन वक्त में जो किया, वह अफगानिस्तान कभी नहीं भूलेगा.”
वहीं रेजा होसैनी नाम की यूजर ने कहा, “अफगानिस्तान की जनता भारत जैसी मित्रवत राष्ट्र की मदद के लिए दिल से आभारी है. उम्मीद है एक दिन हम भी इस उपकार का बदला खुशी से लौटा पाएंगे. भारत और अफगानिस्तान का रिश्ता सीमाओं से भी बड़ा है.”
भारत की मदद ने दिलाया भरोसे का अहसास
भारत ने भूकंप के बाद जिस तेजी से राहत सामग्री भेजी, उसने एक बार फिर दिखा दिया कि नई दिल्ली का रुख सत्ता नहीं बल्कि इंसानियत के प्रति है. भारत द्वारा भेजे गए राहत पैकेज में टेंट, कंबल, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री और जीवन रक्षक दवाइयां शामिल हैं. भारतीय राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, अतिरिक्त दवाओं की खेप भी जल्द ही काबुल पहुंचाई जाएगी.
मानवीय संवेदना के साथ नई कूटनीति
जयशंकर की यह पहल सिर्फ संवेदना का इज़हार नहीं थी, बल्कि यह भारत-अफगान रिश्तों में फिर से लौटते भरोसे की झलक भी थी. भले ही भारत ने तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन वह लगातार यह संदेश देता आया है कि भारत का समर्थन अफगान जनता के लिए है, किसी राजनीतिक शासन के लिए नहीं.
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच मानवीय और व्यापारिक संवाद बढ़ा है. भारत ने अफगानिस्तान को गेहूं, दवाइयां और मानवीय सहायता भेजकर यह साबित किया है कि वह कठिन समय में एक विश्वसनीय मित्र है.
भारत की साइलेंट डिप्लोमेसी
अफगानिस्तान में लगातार संकट के दौर, चाहे वह भूकंप, खाद्य संकट या आर्थिक गिरावट हो, भारत हर बार बिना किसी शोर-शराबे के मदद करता आया है. इस बार भी बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के भारत ने केवल इंसानियत के नाम पर सहायता भेजी.
राजनयिकों का मानना है कि यह “साइलेंट डिप्लोमेसी” भारत की सॉफ्ट पावर को और मजबूत बना रही है. अफगानिस्तान में भारत के प्रति भरोसा और सम्मान लगातार बढ़ रहा है, जो भविष्य में दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा दे सकता है.
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