'हमारे ड्रोन के बदले टॉमहॉक दें...' जेलेंस्की ने अमेरिका से मांगी मिसाइलें, ट्रंप ने हिचकिचाहट दिखाई

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को वॉशिंगटन का दौरा किया, जहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में अहम बैठक की.

Zelensky asks US for missiles Trump hesitates
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वॉशिंगटन डीसी: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को वॉशिंगटन का दौरा किया, जहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में अहम बैठक की. यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा युद्ध दो वर्षों से अधिक समय से जारी है और इसका कोई स्पष्ट समाधान अब तक नहीं निकला है.

बैठक में जेलेंस्की ने अमेरिका से लंबी दूरी की टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें देने की मांग की, ताकि यूक्रेन रूसी सैन्य ठिकानों पर बेहतर जवाबी कार्रवाई कर सके. जवाब में ट्रंप ने इस पर संकोच जाहिर किया और कहा कि अमेरिका की मंशा यही है कि यूक्रेन को ऐसे हथियारों की जरूरत ही न पड़े.

ड्रोन के बदले टॉमहॉक: जेलेंस्की का प्रस्ताव

जेलेंस्की ने ट्रंप को एक प्रस्ताव दिया कि अमेरिका यदि टॉमहॉक मिसाइलें उपलब्ध कराता है, तो उसके बदले में यूक्रेन अपने हजारों घरेलू रूप से निर्मित ड्रोन अमेरिका को देने को तैयार है. यह प्रस्ताव तकनीकी सहयोग और सैन्य साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है.

इस प्रस्ताव पर ट्रंप ने रुचि तो दिखाई, लेकिन साथ ही आगाह किया कि ऐसे लंबी दूरी के हथियारों की आपूर्ति से अमेरिका और रूस के बीच तनाव और बढ़ सकता है.

यूक्रेन को सबसे जरूरी है सुरक्षा गारंटी: जेलेंस्की

बैठक के दौरान जेलेंस्की ने दोहराया कि उनकी सरकार का प्राथमिक उद्देश्य यूक्रेनी नागरिकों के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि नाटो की सदस्यता यूक्रेन के लिए दीर्घकालिक समाधान हो सकती है, लेकिन वर्तमान में यूक्रेन को प्रत्यक्ष सैन्य सहायता और हथियारों की आपूर्ति की तत्काल आवश्यकता है.

उनका कहना था कि "जब तक हम युद्ध के मैदान में रूसी हमलों को रोक नहीं सकते, तब तक शांति की कोई ठोस बात संभव नहीं."

शांति वार्ता पर ट्रंप की पहल

बैठक से पहले ट्रंप और जेलेंस्की ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कई मुद्दों पर बात की. ट्रंप ने इस दौरान एक बार फिर कहा कि वे यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करने में मध्यस्थता कर सकते हैं.

उन्होंने बताया कि आने वाले सप्ताहों में वे बुडापेस्ट में एक शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और जेलेंस्की से अलग-अलग मुलाकात करेंगे. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इन दोनों नेताओं के बीच प्रत्यक्ष वार्ता फिलहाल संभव नहीं है.

ट्रंप ने कहा, "ये दोनों एक-दूसरे को पसंद नहीं करते, लेकिन मेरे पास एक योजना है जिससे हम इस संकट का हल निकाल सकते हैं."

टॉमहॉक डील पर अमेरिका की स्थिति

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें देगा जिससे वह रूस के भीतर सैन्य ठिकानों पर हमला कर सके, तो उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसे हथियारों की आपूर्ति तनाव को बढ़ा सकती है. हालांकि, उन्होंने इस विषय पर विस्तार से चर्चा करने की इच्छा जताई और कहा कि वे जेलेंस्की के प्रस्ताव का गंभीरता से मूल्यांकन करेंगे.

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका खुद ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भर है, लेकिन उन्होंने यूक्रेनी ड्रोन तकनीक की सराहना की और कहा कि यह तकनीकी सहयोग संभव है.

जेलेंस्की ने मुश्किलों का सामना किया है- ट्रंप

ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया है. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या शांति समझौते के लिए यूक्रेन को कुछ क्षेत्रीय रियायतें देनी होंगी, तो उन्होंने सीधा उत्तर देने से परहेज किया. उन्होंने कहा, "युद्ध की परिस्थितियाँ बहुत जटिल होती हैं. कभी-कभी आप सब कुछ जानते हैं लेकिन फिर भी कुछ नहीं जानते."

यूक्रेन की स्थिति पर ट्रंप के पूर्व बयान

ट्रंप पहले भी इस युद्ध पर मिश्रित बयान दे चुके हैं:

  • अगस्त 2025 में उन्होंने कहा था कि शांति समझौते के लिए यूक्रेन को कुछ इलाकों की अदला-बदली करनी पड़ सकती है.
  • सितंबर 2025 में उन्होंने एक बयान में दावा किया कि यूक्रेन को रूस द्वारा कब्जा किए गए सभी क्षेत्र वापस मिलने चाहिए.

इस विरोधाभासी रुख ने यह संकेत दिया कि अमेरिका की नीति अभी तक पूर्ण रूप से स्पष्ट नहीं है, विशेषकर जब युद्ध एक दीर्घकालिक संघर्ष का रूप ले चुका है.

पुतिन की मंशा पर संदेह: ट्रंप का बयान

एक पत्रकार द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि पुतिन शांति वार्ता को जानबूझकर टाल रहे हैं, ट्रंप ने कहा कि यह एक वाजिब चिंता है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि पुतिन अंततः समझौते की दिशा में कदम बढ़ाना चाहेंगे, लेकिन इसमें समय लग सकता है.

ट्रंप ने कहा, "पुतिन के साथ बहुत चालाक लोग भी हार मान चुके हैं. मुझे लगता है कि इस बार भी मैं सही साबित होऊंगा."

जेलेंस्की का पलटवार: "पुतिन शांति नहीं चाहते"

जेलेंस्की ने ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूक्रेन की ओर से बातचीत की इच्छा हमेशा रही है, लेकिन पुतिन की मंशा स्पष्ट रूप से शांति के विरोध में है. उन्होंने कहा, "यदि रूस शांति चाहता, तो वह अब तक युद्धविराम के लिए तैयार हो गया होता. लेकिन उन्होंने हाल ही में फिर से हमारे ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है."

ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिकी सहयोग

जेलेंस्की ने यह भी बताया कि हालिया रूसी हमलों में यूक्रेन के कई बिजलीघर और पावर स्टेशन क्षतिग्रस्त हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की प्रमुख ऊर्जा कंपनियां यूक्रेन को आवश्यक तकनीकी सहायता और संसाधन मुहैया कराने को तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि वाशिंगटन में उन्होंने अमेरिकी सैन्य और ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने पर चर्चा की.

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