जेलेंस्की के साथ हो गया खेल! यूक्रेन जिनके लिए रूस से लड़ रहा युद्ध, उन्होंने ही दे दिया धोखा

Ukraine NATO Membership: कभी सोचा था कि एक राष्ट्रपति का सपना पूरे देश को संकट में धकेल सकता है? यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का पश्चिमी दुनिया की ओर झुकाव और अमेरिका के इशारों पर रूस से टकराव ने यूक्रेन को एक अंतहीन युद्ध में झोंक दिया है.

Zelensky Ukraine is fighting a war with Russia European Union they betrayed it
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Ukraine NATO Membership: कभी सोचा था कि एक राष्ट्रपति का सपना पूरे देश को संकट में धकेल सकता है? यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का पश्चिमी दुनिया की ओर झुकाव और अमेरिका के इशारों पर रूस से टकराव ने यूक्रेन को एक अंतहीन युद्ध में झोंक दिया है. यह सब उस वादे के पीछे हुआ, जिसे अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने दिखाया था, नाटो और यूरोपीय संघ की सदस्यता. लेकिन आज, जब सब कुछ दांव पर लग चुका है, तो वो वादे हवा में खोते दिख रहे हैं.

यूक्रेन अब भी उम्मीद लगाए बैठा है कि उसे यूरोपीय यूनियन की सदस्यता मिल जाएगी, लेकिन हालिया घटनाएं कुछ और ही कहानी कह रही हैं. कीव पहुंचे यूरोपीय संघ के वरिष्ठ अधिकारी साफ संकेत दे गए, अभी बहुत कुछ बाकी है. सुधारों की लंबी फेहरिस्त, कानून का पालन और सदस्य देशों की सर्वसम्मति… यूक्रेन के लिए ये रास्ता अब आसान नहीं रह गया.

हंगरी बनी सबसे बड़ी बाधा

यूक्रेन की यूरोपीय यात्रा में सबसे बड़ा कांटा है हंगरी. हंगरी, जो रूस के साथ पुराने रिश्ते निभाता है, यूक्रेन की सदस्यता का खुलकर विरोध कर रहा है. उसकी चिंता है, यूक्रेन में रहने वाले हंगेरियन अल्पसंख्यकों के भाषाई अधिकार. इसी आधार पर वह यूक्रेन की सदस्यता की बातचीत को अगली स्टेज में जाने से रोक रहा है.

प्यार नहीं, परख जरूरी

यूरोपीय यूनियन के विस्तार आयुक्त मार्टा कोस ने साफ कहा कि EU में कोई ऐसा देश शामिल नहीं हो सकता, जो 100% कानून के शासन का पालन न करता हो. उन्होंने कहा कि अब ‘कठिन दौर’ शुरू होगा, जिसमें कृषि, पर्यावरण, और शासन व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत होगी.

यूक्रेन की नजर में EU क्यों है जरूरी?

2014 में रूस समर्थक राष्ट्रपति के पतन के बाद, यूक्रेनियों को यूरोप में भविष्य नजर आने लगा. युद्ध ने इस भावना को और मजबूत किया. यूक्रेन के लिए यूरोपीय यूनियन सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की उम्मीद है.

विकल्प क्या हैं?

यूरोपीय अधिकारियों का इशारा है कि अगर यूक्रेन सुधारों पर टिका रहता है और कानून के शासन को अपनाता है, तो वे हंगरी के विरोध को किनारे कर कोई रास्ता निकाल सकते हैं. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने भी कहा है कि EU कीव के साथ मिलकर सुधारों पर काम कर सकता है.

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