भारत का सबसे महंगा तलाक? जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्पू को 1.7 अरब डॉलर के बॉन्ड भरने का आदेश

भारत की जानी-मानी सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कारोबारी उपलब्धियां नहीं, बल्कि उनका निजी जीवन है.

Zoho founder Sridhar Vembu ordered to pay bonds worth $1.7 billion
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भारत की जानी-मानी सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कारोबारी उपलब्धियां नहीं, बल्कि उनका निजी जीवन है. अमेरिका में चल रहे तलाक के मामले ने न सिर्फ कानूनी हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि इसे भारत के सबसे महंगे तलाक मामलों में गिना जा रहा है. अगर अदालत के आदेश लागू होते हैं, तो यह मामला रिकॉर्ड तोड़ सकता है.

अमेरिका की एक अदालत ने श्रीधर वेम्बू को निर्देश दिया है कि वह तलाक से जुड़े विवाद के दौरान करीब 1.7 अरब डॉलर, यानी 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बॉन्ड जमा करें. यह आदेश कैलिफोर्निया की कोर्ट ने संपत्ति के संभावित ट्रांसफर और वैवाहिक संपत्ति के बंटवारे पर असर को लेकर जताई गई आशंकाओं के बाद दिया है. वेम्बू की पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन, जो अमेरिका में रहती हैं, इस केस में याचिकाकर्ता हैं.

कोर्ट ने क्यों उठाया सख्त कदम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह आदेश जनवरी 2025 में पारित किया गया. कैलिफोर्निया की हाई कोर्ट ने जोहो से जुड़ी कंपनियों की निगरानी के लिए एक रिसीवर नियुक्त किया है और किसी भी बड़े कॉर्पोरेट पुनर्गठन पर फिलहाल रोक लगा दी है. अदालत का मानना है कि केस से जुड़े रिकॉर्ड यह संकेत देते हैं कि श्रीधर वेम्बू ने वैवाहिक संपत्ति से जुड़े मामलों में प्रमिला श्रीनिवासन के हितों की अनदेखी की और कानून का उल्लंघन किया.

कोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया है कि जोहो कॉर्पोरेशन, टी एंड वी होल्डिंग्स, जेडसीपीएल और उनसे जुड़ी अन्य संस्थाएं वेम्बू के निर्देशों पर उनके हितों को आगे बढ़ा सकती हैं, जिससे प्रमिला के अधिकारों को नुकसान पहुंचने की आशंका है.

जोहो की संपत्तियों को लेकर विवाद

प्रमिला श्रीनिवासन ने नवंबर 2024 में दायर याचिका में दावा किया था कि श्रीधर वेम्बू ने चुपचाप अमेरिका स्थित जोहो कॉर्पोरेशन में अपनी हिस्सेदारी का बड़ा हिस्सा एक ऐसी इकाई को ट्रांसफर कर दिया, जो उनके एक पुराने सहयोगी के स्वामित्व में है. यह ट्रांजेक्शन कथित तौर पर तीन चरणों में किया गया.

प्रमिला का कहना है कि उन्होंने अपनी कमाई से श्रीधर वेम्बू का समर्थन किया था, ताकि वे नौकरी छोड़कर पूरी तरह बिजनेस पर ध्यान दे सकें. उनका आरोप है कि तलाक की अर्जी देने के बाद ही उन्हें पता चला कि वेम्बू ने दावा किया है कि शादी के दौरान खड़ी की गई कंपनी में उनकी हिस्सेदारी सिर्फ 5 प्रतिशत है, जबकि बहुमत शेयर उनके भाई-बहनों के पास हैं.

वेम्बू का पक्ष क्या है

श्रीधर वेम्बू ने इन आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि जोहो के को-फाउंडर और लंबे समय तक सीईओ रहने के बावजूद कंपनी में उनकी हिस्सेदारी हमेशा से केवल 5 प्रतिशत ही रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि जोहो के अधिकांश शेयर उनके भाई-बहनों के पास हैं.

कितनी है श्रीधर वेम्बू की कुल संपत्ति

फोर्ब्स की 2025 की सूची के अनुसार, श्रीधर वेम्बू और उनके भाई-बहनों की संयुक्त नेटवर्थ करीब 6 अरब डॉलर आंकी गई है. इनमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी जोहो में उनके परिवार के पास है. लगभग तीन दशक तक वैवाहिक जीवन बिताने और अमेरिका में अपने बेटे की परवरिश करने के बाद वेम्बू 2019 के अंत में भारत लौट आए थे. तलाक की कानूनी प्रक्रिया 2021 में शुरू हुई थी.

कौन हैं प्रमिला श्रीनिवासन

प्रमिला श्रीनिवासन एक शिक्षाविद, उद्यमी और हेल्थ टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट हैं. लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उनके पास इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी है. उन्होंने हेल्थ टेक सेक्टर में खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड और स्पेशल केयर सिस्टम्स पर व्यापक काम किया है. इसके अलावा, उन्होंने ‘द ब्रेन फाउंडेशन’ नाम की एक गैर-लाभकारी संस्था की स्थापना की है, जो ऑटिज़्म रिसर्च, इलाज और सामुदायिक सहायता के लिए काम करती है.

यह मामला अब सिर्फ एक निजी तलाक नहीं रह गया है, बल्कि कॉर्पोरेट संरचना, अरबों की संपत्ति और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़ा एक बड़ा कानूनी विवाद बन चुका है. आगे कोर्ट क्या फैसला सुनाती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.

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